कोयला चोरी पर ED की कार्रवाई का जय प्रकाश पांडेय ने किया स्वागत, बोले- माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
भाजपा किसान मोर्चा झारखंड के नेता जय प्रकाश पांडेय ने कोयला चोरी के खिलाफ ED की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की सख्ती से अवैध खनन और कोयला माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। उन्होंने इसे राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
रांची: भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश और झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने कोल इंडिया में जारी कोयला लूट पर नकेल कसने की तैयारी केंद्रीय गृह मंत्रालय और कोल इंडिया के तालमेल से शुरू किए जाने का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि कोल इंडिया में विगत कई वर्षों से ट्रकों, मोटरसाइकिलों और साइकिलों के माध्यम से बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी गुपचुप तरीके से की जा रही है, जो आज एक उद्योग का रूप ले चुकी है। इसके कारण अवैध कोयला खदानों में समय-समय पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं और कई मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें अनेक मजदूरों की मौत हुई है। इसके कारण राष्ट्रीय संपत्ति की लूट वर्षों से जारी है।


जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि कोल इंडिया में व्यापक कोयला चोरी के कारण कोयला मजदूरों और प्रत्येक कोलियरी में कार्यरत लगभग 4,000 वेलफेयर शिक्षकों को अब तक वेतन और सेवानिवृत्ति संबंधी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। मजबूर होकर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी किसी सेवानिवृत्त शिक्षक या शिक्षिका को ग्रेच्युटी अथवा अन्य सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिल सका है। वेतन के अभाव में कई शिक्षकों की मृत्यु भी हो चुकी है, लेकिन कोल इंडिया प्रबंधन ने अब तक न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट होता है कि कोल इंडिया का ध्यान शिक्षा और कर्मचारियों के कल्याण से अधिक कोयला लूट पर रहा है। इसी कारण गृह मंत्रालय को 1 जुलाई 2026 को कोल इंडिया के साथ मिलकर शून्य कोल लिंकेज योजना पर निर्णय लेना पड़ा, जिसे झारखंड और पश्चिम बंगाल में लागू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि लगभग 43 स्थानों पर कोल इंडिया के करीब 100 अधिकारियों की निगरानी में ईडी (ED) द्वारा कोयला चोरी के खिलाफ छापेमारी की जा रही है। इनमें झारखंड के लगभग 18 और पश्चिम बंगाल के लगभग 24 ठिकाने शामिल हैं। छापेमारी के दौरान सोना, चांदी सहित करोड़ों रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि कोयला चोरी के कारण भारत सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान होता था। अब वसूली की संभावना बढ़ेगी। साथ ही, कोयला चोरी की निगरानी का भार जिला प्रशासन और पुलिस पर भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए खान एवं खनिज अधिनियम के तहत ईडी द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब कोल इंडिया के अधिकारियों को भी स्वयं तलाशी लेने और कोयला जब्त करने का अधिकार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के अल्टीमेटम के बाद अब कानून का डंडा चलना शुरू हो गया है। चाहे कितना भी बड़ा कोयला माफिया क्यों न हो, कोयला चोरी के मामलों में कोई नहीं बचेगा। सभी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने भारत सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कोयला चोरी पर प्रभावी रोक लगाने में सफलता मिलेगी।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


