चाईबासा: रुंगटा स्टील के चलियामा प्लांट में पीएफ व बोनस जैसी सुविधा से मरहूम हैं मजदूर
15 से 20 वर्ष पूरा होने को है लेकिन नहीं मिली अब तक कोई सुविधा
प्लांट में कार्यरत मजदूरों को पिछले 15 से 20 वर्ष से अब तक पीएफ, बोनस, ग्रेच्युटी, पहचान पत्र, वेज स्लिप एवं हाजिरी कार्ड आदि की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई है. मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी न देकर महज 250-300 रुपया मजदूरी भुगतान कर रहा है प्लांट, जबकि मजदूरों से 12 घंटा कराया जा रहा है काम.
चाईबासा: बुधवार को रुंगटा स्टील प्लांट चलियामा में कार्यरत मजदूरों को पिछले 15 से 20 वर्ष पूरा होने को है लेकिन अब तक मजदूरों को पीएफ, बोनस, ग्रेच्युटी, पहचान पत्र, वेज स्लिप, हाजिरी कार्ड आदि की सुविधा उपलब्ध नहीं करने को लेकर 72 घंटा हड़ताल किया गया. हड़ताल की सूचना पर आज श्रम अधीक्षक का कार्यालय के सभा में एक त्रिपक्षीय वार्ता हुई. वार्ता में प्रबंधन के तरफ से कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी न देकर 250-300 रुपया मजदूरी भुगतान कर रही है, जबकि मजदूरों से 12 घंटा काम कराया जा रहा है. मजदूरों को झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित 425 रुपया भी नही दिया जा रहा है. फैक्ट्री एक्ट के तहत मजदूरों को मजदूरी भुगतान कराया जाना है, बावजूद सरकार की नियम को भी नहीं मानती है.
ये हमारी मांगें फैक्ट्री का प्रदूषण पर रोक लगाने, 75% स्थानीय को रोजगार की गारंटी, मजदूरों को 800 रूपए मजदूरी लागू करे,कंपनी के अंदर कैंटीन, रेस्ट रूम, पेयजल, मेडिकल और शौचालय की सुविधा देने की मांग पर दो दो हड़ताल किया गया. आज की वार्ता में झारखंड जेनरल कामगार यूनियन का जिला अध्यक्ष शाह जिला परिषद सदस्य जगन्नाथपुर मानसिंह तिरिया भी शामिल हुए. मानसिंह तिरिया ने कहा, लगातार मजदूरों का शोषण के विरुद्ध आंदोलन चल रहा है. बीते दिन 12/9/2024 से 72 घंटा मजदूरों ने हड़ताल किया था। हड़ताल की सूचना श्रम अधीक्षक सरायकेला खरसावां के द्वारा एक सूचना यूनियन को भी दिया गया. उसके आलोक में आज हम लोग सभी मजदूर श्रम अधीक्षक का कार्यालय आकर वार्ता में शामिल होने के लिए उपस्थित हुए हैं।

