राज्यसभा चुनाव: झामुमो-कांग्रेस में तनातनी बढ़ी, गठबंधन पर टूट का खतरा; उम्मीदवार की घोषणा से नाराजगी
मुख्यमंत्री आवास पर हुई आपात बैठक में विधायकों ने जताई नाराजगी
झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर झामुमो और कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस द्वारा प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद झामुमो ने नाराजगी जाहिर की है। मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में कई विधायकों ने दोनों सीटों पर झामुमो उम्मीदवार उतारने की मांग की। राजनीतिक जानकार इसे इंडिया गठबंधन के लिए बड़ा संकट मान रहे हैं।
सुनील सिंह
रांची: राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार को लेकर इंडिया गठबंधन के दो प्रमुख दलों झामुमो और कांग्रेस के बीच तनातनी बढ़ गई है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो गठबंधन टूट सकता है और झारखंड में सत्ता का समीकरण बदल सकता है।


पूर्व मंत्री बैजनाथ राम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि झामुमो दोनों सीटों पर चुनाव लड़ेगा। झामुमो के इस रुख से इंडिया गठबंधन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यदि पार्टी दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारती है, तो गठबंधन का टूटना लगभग तय माना जा रहा है।
इधर, कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री से बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद ही पार्टी ने प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, झामुमो का दावा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 5 जून की शाम तक समय मांगा था, लेकिन कांग्रेस ने झामुमो पर दबाव बनाने के उद्देश्य से एकतरफा उम्मीदवार की घोषणा कर दी।
उम्मीदवार की घोषणा के बाद से झामुमो खेमे में नाराजगी और खलबली का माहौल है। मुख्यमंत्री भी नाराज बताए जा रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने आपात बैठक बुलाई थी। बैठक में विधायकों ने कांग्रेस के रवैये पर आपत्ति जताते हुए दोनों सीटों पर उम्मीदवार देने की वकालत की।
यदि झामुमो दोनों सीटों पर उम्मीदवार देता है, तो गठबंधन का टूटना तय माना जा रहा है। ऐसी स्थिति में झारखंड की राजनीति में नए समीकरण उभर सकते हैं। हालांकि दूसरी सीट के लिए झामुमो के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है। ऐसे में पार्टी क्या रणनीति अपनाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। कांग्रेस के पास वर्तमान में 16 विधायक हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने दूसरे उम्मीदवार के लिए आवश्यक वोटों का इंतजाम कहां से करते हैं, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। क्या कांग्रेस में टूट होगी या भाजपा के साथ कोई नया समीकरण बनेगा, फिलहाल सभी संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।
कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा रांची पहुंच चुके हैं और रणनीति बनाने में जुट गए हैं। उनके मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। वहीं, कांग्रेस प्रभारी के. राजू भी रांची में डेरा डाले हुए हैं।
लेखक का कहना है कि पिछले छह महीनों से वह यह लिखते आ रहे हैं कि राज्यसभा चुनाव झारखंड की राजनीति के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है। वर्तमान घटनाक्रम उसी दिशा की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
इंडिया गठबंधन में बढ़ते तनाव का लाभ भाजपा उठा सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा दूसरी सीट के लिए गौरव वल्लभ को उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि आधिकारिक घोषणा होने तक इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। फिलहाल झारखंड की राजनीति में घमासान के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


