ट्रेजरी घोटाले में सरकार चहेते अफसरों को बचा रही : प्रतुल शाहदेव
भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता ने वित्त मंत्री और सीआईडी की भूमिका पर उठाए सवाल
भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड के कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि लगभग 10,000 करोड़ रुपये के सरकारी धन का हिसाब नहीं मिल रहा है और सरकार अपने चहेते अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। प्रतुल शाहदेव ने सीआईडी की जांच, एसआईटी की निष्पक्षता और ट्रेजरी अधिकारियों को क्लीनचिट दिए जाने पर सवाल उठाए।
रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड के कथित हजारों करोड़ रुपये के ट्रेजरी (कोषागार) घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने चहेते अधिकारियों को नियमों के विरुद्ध बचाने का प्रयास कर रही है और जांच प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि पिछले कुछ वर्षों में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के सरकारी धन का हिसाब नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद जांच एजेंसियां वरिष्ठ अधिकारियों को दोषमुक्त करने में लगी हुई हैं।

चारा घोटाले का दिया उदाहरण

नियमों का किया हवाला
भाजपा नेता ने कहा कि झारखंड वित्त नियमावली की धारा 114, 115, 116, 305, 305A और 306 तथा झारखंड कोषागार संहिता-2016 के विभिन्न प्रावधानों में डीडीओ और ट्रेजरी अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं। सरकारी भुगतान से पहले बिल, दस्तावेज और हस्ताक्षरों की जांच करना संबंधित अधिकारियों का दायित्व है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी ने अपनी चार्जशीट में डीडीओ और ट्रेजरी अधिकारियों को क्लीनचिट देते हुए उनके नाम तक शामिल नहीं किए। चाईबासा ट्रेजरी मामले में भी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है।
पीएजी को दस्तावेज नहीं देने का आरोप
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार ने विशेष ऑडिट के लिए प्रधान महालेखाकार (PAG) से अनुरोध किया था। इसके बाद 11 मई 2026 को प्रधान महालेखाकार कार्यालय ने गृह विभाग से 87 प्रकार के दस्तावेज मांगे, लेकिन ढाई महीने बाद भी सरकार ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्पाद सचिव की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने अब तक अपनी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। उनके अनुसार, सरकार पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अजय राय भी उपस्थित थे।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


