रांची के अखबारों की सुर्खियां : नागरिकता बिल के खिलाफ असम में विधायक का घर व रेलवे स्टेशन फूंका
रांची : रांची से छपने वाले प्रमुख अखबारों ने झारखंड विधानसभा चुनाव – 2019 के तीसरे चरण के लिए 13 सीटों पर हुए मतदान को अलग-अलग अंदाज में आज सुर्खी बनाया है. प्रभात खबर ने मतदान को गांव के वोटरों के उत्साह एवं शहरी वोटरों के निरुत्साह से तुलना कर पेश किया है. प्रभात खबर ने कांके विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाले बुढमू मुरूपीरी पंचायत के वोटरों उल्लेख किया है, जो 12 किमी पैदल चल कर वोट देने गए, जबकि रांची के आधे वोटर वोट डालने निकले ही नहीं. अखबार ने शीर्षक दिया है: गांव चुस्त, शहर सुस्त. 62.35 प्रतिशत वोटिंग होने का अखबार ने उल्लेख किया है, जो 2014 विधानसभा चुनाव में इन्हीं सीटों पर पड़े वोटों से 1.67 प्रतिशत कम है.
भास्कर ने पिपरवार की घटना को शीर्षक दिया है: फल खिलाने के बहाने तीन बच्चों को जंगल में ले गया, दुष्कर्म के बाद दो बच्चियों की पत्थरों से कूच कर हत्या. अखबार ने निर्भया मामले पर खबर दी है: निर्भया के दोषी विनय की याचिका पर राष्ट्रपति विचार नहीं कर रहे, तिहाड़ में एक साथ चार को फांसी की तैयारी. नागरिकता विधेयक पर मचे कोहराम का शीर्षक है: गुवाहाटी में लोगों ने करफ्यू तोड़ा, पुलिस फायरिंग में तीन की मौत.
हिंदुस्तान ने झारखंड विधानसभा चुनाव – 2019 के तीसरे चरण की वोटिंग को शीर्षक दिया है: मतदान में सिल्ली जीता, रांची हारी. अखबार ने इस खबर में सिल्ली में करीब 77 प्रतिशत और रांची में 49 प्रतिशत वोटिंग का उल्लेख किया है. पिपरवार की घटना को अखबार ने शीर्षक दिया है: पिपरवार में लापता बच्चियों के साथ दुष्कर्म, दो की मौत. धनबाद में प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी सभा का शीर्षक है: नागरिकता बिल पर झांसे में न आएं. वहीं, संताल परगना में राहुल का चुनावी बयान है: भूमि अधिग्रहण एवं नोटबंदी ने गरीबों को तबाह किया. एयरपोर्ट पर रुपये पकड़ाने के मामले में कांग्रेस सांसद धीरज साहू के यहां आयकर विभाग की दबिश की खबर भी अखबार ने दी है.
दैनिक जागरण ने तीसरे चरण के मतदान को शीर्षक दिया है: गांवों के बूते फस्र्ट डिवीजन. अखबार का आशय है कि 60 प्रतिशत से अधिक मतदान ग्रामीण इलाकों के बदौलत ही संभव हो सका. अखबार के अनुसार, 17 सीटों पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ. अखबार ने एक विशेष खबर दी है कि माओवादियों के घरों में लोकतंत्र के जयकारे. अखबार ने इस खबर में बताया है कि कैसे वैसे माओवादी जो वोट का बहिष्कार करते रहे, उनके परिजन वोट डालने निकले. राजनाथ सिंह का संताल परगना में चुनाव प्रचार करने के दौरान बयान है: आप रघुवर दास से खुश हों या न हों, पर उन पर भ्रष्टाचार का दाग नहीं है. धनबाद में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की कि नागरिकता संशोधन बिल से वे घबरायें नहीं. वहीं, राहुल गांधी का उन पर हमला है कि उन्हें महंगाई की चिंता नहीं है और वे दूसरी दुनिया में रहते हैं.



