Women's Empowerment
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Read More... अन्नपूर्णा देवी और नागेंद्र महतो ने शोभा देवी के लिए मतदान की अपील की
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By Mohit Sinha
सरिया में भाजपा की सभा में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने शोभा देवी के लिए भारी मतदान की अपील की। सभा में स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनता को घर-घर संपर्क अभियान चलाकर मतदाता जागरूक करने का संदेश दिया गया। डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल में सृजनात्मकता और सौंदर्य का अनोखा संगम
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By Samridh Desk
महात्मा एन.डी. ग्रोवर डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल में सृजनात्मकता और सौंदर्य का अनोखा संगम उस समय देखने को मिला जब विद्यालय परिसर में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। समूह ए को कलात्मक रंगोली, समूह बी को झारखंड की सभ्यता और समूह सी को महिला सशक्तिकरण विषय पर रंगोली बनानी थी। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनंत कुमार नंद, दीपक केसरी, उषा हंस ओझा, हर्षित केरकेट्टा, डेविड टोपनो और मुनमुन कुमारी सहित विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा। धनतेरस: समृद्धि, स्वास्थ्य, आस्था और वैश्विक सांस्कृतिक एकता का प्रतीक पर्व
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By Mohit Sinha
धनतेरस भारत का केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि समृद्धि, स्वास्थ्य, पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक एकजुटता का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। वर्ष 2025 में यह पर्व 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। वैदिक परंपरा से जुड़ा यह दिन भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने का प्रतीक है, जो आयुर्वेद और आरोग्य के देवता माने जाते हैं। आधुनिक युग में धनतेरस आर्थिक उत्सव के रूप में भी उभरा है, जहाँ सोना, चांदी, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की खरीद शुभ मानी जाती है। यह दिन “ग्रीन धनतेरस” और “ग्लोबल आयुर्वेदा वैलनेस डे” जैसी पहलों से पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाता है। साथ ही डिजिटल युग में यह त्योहार ऑनलाइन व वित्तीय निवेश के नए स्वरूपों से जुड़ गया है। धनतेरस आज नारी सशक्तिकरण, वित्तीय साक्षरता और वैश्विक भारतीय संस्कृति का प्रतीक बनकर नई चेतना और साझा समृद्धि का संदेश दे रहा है। Opinion: संघ की विचारधारा पर क्यों उठती है बार-बार उंगली
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By अजय कुमार, लखनऊ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 100 साल का जश्न मना रहा है। संघ ने आलोचनाओं और प्रतिबंधों के बावजूद समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। महिलाओं और दलितों को सम्मान न मिलने के आरोपों के बीच भी संघ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और संस्कार निर्माण में कई योजनाएँ चलाई हैं, जिससे महिलाओं का सशक्तिकरण और राष्ट्र सेवा सुनिश्चित होती है। 