हेमन्त सोरेन की सरकार ने आपातकाल के मंजर की दिला दी याद: संजय सेठ

झारखंड सरकार ने 1000 करोड़ रुपया में बच्चों के भविष्य को बेचा

हेमन्त सोरेन की सरकार ने आपातकाल के मंजर की दिला दी याद: संजय सेठ
संजय सेठ ने भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग की

रांची में भाजपा के प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने JPSC, JSSC CGL समेत पिछले छह वर्षों में आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराने की मांग की।

  • उतर प्रदेश और बिहार में टीडीपीएल और बिनसिस  कंपनी ब्लैकलिस्टेड हुई और झारखंड में सेलेक्ट हुई
  • जेपीएससी की पूर्व चेयरपर्सन नीलिमा केरकेट्टा के द्वारा सीएम को लिखी चिठ्ठी को क्यों दबाया गया

रांची: केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने राज्य भर में छात्रों पर झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा हुए हमले एवं बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की भर्त्सना करते हुए झारखंड में पिछले 6 वर्षों में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल सहित सभी आयोजित भर्ती परीक्षा की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में सेठ ने कहा कि जिस प्रकार से निर्दोष छात्रों पर रांची, हज़ारीबाग़, गिरिडीह, गढ़वा में झामुमो के गुंडों के द्वारा मारपीट, छेड़छाड़ और पुलिस के द्वारा लाठियां बरसाई गयी। उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। बच्चे जब इलाज के लिए अस्पताल गए तो वहां भी छात्रों को पीटा गया और वहां से भगाया गया। अस्पताल के निदेशक और सिविल सर्जन पर घायल छात्रों को बिना इलाज के ही छोड़ देने का दबाव बनाया गया। हमने ऐसा मंजर आपातकाल के समय ही देखा था जिसे कल हेमन्त सोरेन की सरकार ने याद दिला दी।

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 सेठ ने कहा कि हेमन्त जी ये कोई बाहर के बच्चे नहीं है हमारे और आपके बच्चे हैं। वे बेचारे संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से बिना उपद्रव, बिना किसी के मुर्दाबाद, बिना किसी की आजादी की मांग और बिना किसी सार्वजनिक सम्पति की नुकसान किये, किसी पर ढेला पत्थर फेंके बिना पिछले 25 दिनों से अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आपसे गुहार करते रहे और आमरण अनशन पर रहे। लेकिन आपने उनकी एक न सुनी। जब पूरे देश में इस आंदोलन को समर्थन मिलने लगा तो आपकी सरकार ने फूट डालो और राज करो की नीति को अपनाते हुए छात्रों को धोखा दिया। एक षड्यंत्र के तहत आपने परीक्षा को रद्द किया लेकिन उसके बचाव में कोर्ट में दलील देने हेतु राज्य के महाधिवक्ता को कोर्ट नहीं भेजकर एक जूनियर वकील को भेज दिया। आपकी इस चाल को राज्य की जनता भलीभांति समझ चुकी है।

सेठ ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि  झारखंड में खून बहा है, यहां भी छात्रों के हाथ पैर टूटे है, लेकिन आपके मुंह से उफ तक न निकला। उन्होंने राहुल गांधी को मौकापरस्त बतलाते हुए कहा कि आपको छात्र आंदोलन से केवल राजनीतिक लाभ लेना है। इसलिये आप दिल्ली तो गए लेकिन झारखंड जहां आपकी सरकार है वहां आप नहीं आये। आप अगर इतने ही छात्र हितैषी हैं तो राँची आकर झारखंड के छात्रों के आंदोलन के साथ खड़े होइये और हेमन्त सोरेन सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कीजिए। अन्यथा तत्काल अपना समर्थन वापस लीजिए। लेकिन आप ऐसा नहीं करेंगे, आपके दोहरे चरित्र से पूरा देश वाकिफ हो चुका है। इसलिये आपको और आपकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता है।

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पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के पत्र का क्या हुआ

रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने पूछा कि पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष नीलिमा केरकेटा के द्वारा 2024 में सरकार को जेपीएससी में व्याप्त घोटाले एवं खामियों को लेकर जो पत्र लिखकर आगाह किया गया था, सरकार उस पत्र को क्यों दबा कर बैठी हुई है। सरकार की क्या मजबूरी है और किसका दबाव है। नीलिमा केरकेट्टा के पत्र का सच झारखंड की जनता जानना चाहती है।

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उन्होंने कहा कि वर्तमान जेपीएससी में पूर्व मंत्री, मुख्यमंत्री और झामुमो के महासचिव की रिश्तेदार सदस्य रह चुकी हैं। कहीं सरकार इन्हें बचाने की कोशिश तो नहीं कर रही है। आखिर इस मामले की जांच सीबीआई से कराने पर क्या आपत्ति है या डर क्यों हैं। सीआईडी की जांच पर यहां के बच्चों को भरोसा नहीं है। बिनसिस के निदेशक अरुण कुमार पर 2022 में नौकरी बेचने का आरोप लगा और सीआईडी जांच में उनके खिलाफ सबूत भी पाए गए लेकिन सीआईडी के द्वारा अरुण कुमार पर चार सालों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिर कैसे यहां के बच्चे सीआईडी जांच पर भरोसा करें।

सेठ ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में नौकरी को बेच कर सत्ता में शामिल लोगों ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की है। उन्होंने कहा कि बच्चों  को झारखंड से बाहर पटना और नेपाल ले जाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाये गए थे। इसकी जांच पूर्ण रूप से सीबीआई ही कर सकती है, सीआईडी नहीं। सीआईडी की जांच पर यहां के बच्चों को भरोसा नहीं है।

आज की प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और मीडिया सह प्रभारी सतीश सिन्हा उपस्थित रहे।

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Edited By: Mohit Sinha
Mohit Sinha Picture

Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.

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