विश्व आदिवासी दिवस पर बोले हेमंत सोरेन: छात्रों को न्याय मिलेगा, दोषियों को कठोर दंड मिलेगा
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की बात संवेदनशीलता से सुन रही है
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की चुनौतियों, अधिकार और सामाजिक असमानता पर अपने विचार रखे।
रांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को ‘जोहार’ कहते हुए शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर मौजूद राज्यपाल, मंत्री अमित महतो, मुख्य सचिव विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, कल्पना सोरेन मुर्मू और राधाकृष्ण किशोर समेत अन्य लोगों के प्रति भी आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में आदिवासी समाज विभिन्न समुदायों में बंटा हुआ है और आज भी वह अपने अस्तित्व, अधिकार और जीवन-यापन से जुड़ी कई चुनौतियों के बीच आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी लोग शामिल हुए हैं।छात्रों के आंदोलन पर बोले मुख्यमंत्री

उन्होंने राजनीतिक दलों पर छात्रों को भ्रमित करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें राजनीतिक स्वार्थ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
‘लाठी-डंडे से नहीं, संवाद से होगा समाधान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर समस्या का समाधान लाठी-डंडे से नहीं, बल्कि संवाद से होता है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम करेगी और छात्रों को न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ-साथ उन छात्रों तक भी सरकार अपनी बात पहुंचाएगी, जो अपने घरों में हैं। मुख्यमंत्री ने मीडिया और आंदोलन के दौरान होने वाली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा या दबाव के जरिए नहीं किया जा सकता।
‘देश में आज भी असमानता’
मुख्यमंत्री ने देश में मौजूद आर्थिक और सामाजिक असमानता पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी देश में असमानताएं बनी हुई हैं। गरीब और गरीब तथा अमीर और अमीर होता चला गया।
उन्होंने लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर कहा कि झारखंड वीरों की भूमि रही है और देश की आजादी से पहले भी यहां के लोगों ने संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों की ताकत और जागरूकता बढ़ रही है, जिसे कुछ लोग स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार किसी भी समस्या का समाधान संवाद और पारदर्शिता के साथ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मंच से संदेश देते हुए कहा, “पारदर्शिता के साथ न्याय होगा।”










