Koderma News; मॉडर्न पब्लिक स्कूल में अंबेडकर जयंती पर प्रतियोगिताएं, छात्रों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन
प्राचार्य ने बाबा साहेब के जीवन से प्रेरणा लेने का दिया संदेश
Modern Public School, Koderma में Ambedkar Jayanti पर आयोजित कार्यक्रम में छात्रों ने भाषण, लेखन और वाचन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कोडरमा: झुमरी तिलैया स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल में आज भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। और छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य गुरुचरण वर्मा द्वारा बाबा साहेब की तस्वीर पर माल्यार्पण और नमन के साथ हुआ।
इस अवसर पर प्राचार्य ने छात्रों को डॉ. अंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल 1891 को जन्मे बाबा साहेब ने समाज में व्याप्त भेदभाव और शिक्षा के दौरान अनेक बाधाओं का सामना करने के बावजूद न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की और भारतीय समाज, अर्थशास्त्र एवं इतिहास में शोध कर वैश्विक पहचान बनाई।

जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। परिणाम इस प्रकार रहे। प्रस्तावना वाचन कक्षा 2-3 में हिमांश राज (प्रथम), आराध्या राज (द्वितीय) तथा अरिहंत राज और अयन रज़ा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रस्तावना लेखन कक्षा 4-5 में आश्वी राणा (प्रथम), यशनवी सोनी (द्वितीय) तथा नव्या पहाड़ी एवं अविका चावला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
हिंदी भाषण प्रतियोगिता कक्षा 6-8, अंतर सदन में न्यूटन सदन की हंशिका माहेश्वरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रमन सदन से कौशिक कुमार व सादिया परवीन द्वितीय तथा रमन सदन की ही पाविका तृतीय स्थान पर रहीं।
अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता कक्षा 9-12 में न्यूटन सदन के शौर्य प्रभाकर और आइंस्टीन सदन की अनन्या शौर्य ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। न्यूटन सदन के सौम्योदित्य सरकार द्वितीय तथा भाभा सदन के अभिनव कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा राशि बंसल ने किया।
प्राचार्य गुरुचरण वर्मा ने संविधान निर्माण में बाबा साहेब के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल जाति व्यवस्था का विरोध किया, बल्कि समाज में कुरीतियों के खिलाफ लड़कर महिलाओं को समान अधिकार दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने छात्रों को बाबा साहेब के 'सरल स्वभाव और उच्च विचार' के पद-चिन्हों पर चलने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की संगीता शर्मा ने सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया।
