CCL की बड़ी पहल: रिनपास में लगेगी अत्याधुनिक dTMS मशीन
Rotary Foundation के साथ त्रिपक्षीय समझौता
रांची में Central Coalfields Limited की CSR पहल के तहत Ranchi Institute of Neuro-Psychiatry and Allied Sciences में अत्याधुनिक BrainsWay dTMS मशीन स्थापित की जाएगी। इस संबंध में रोटरी फाउंडेशन के साथ त्रिपक्षीय समझौता किया गया है।
रांची: सीसीएल ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में आज सीसीएल, रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज (रिनपास), रांची तथा रोटरी फाउंडेशन के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के तहत रिनपास, रांची में अत्याधुनिक BrainsWay dTMS System (डीप ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन) मशीन स्थापित की जाएगी, जिसमें H1, H4 एवं H7 कॉइल्स की सुविधा उपलब्ध होगी। यह तकनीक पूर्णतः नॉन-इनवेसिव है और मस्तिष्क के गहरे हिस्सों को लक्षित कर मानसिक रोगों के प्रभावी उपचार में सहायक सिद्ध होती है।

BrainsWay dTMS तकनीक उन्नत H-कोइल आधारित प्रणाली है, जिसके माध्यम से मस्तिष्क के न्यूरल नेटवर्क को द्विपक्षीय रूप से उत्तेजित एवं मॉड्युलेट किया जा सकता है। यह तकनीक अवसाद (Depression), ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) तथा निकोटीन एडिक्शन जैसी मानसिक बीमारियों के उपचार में प्रभावी पाई गई है। यह मशीन US Food and Drug Administration (FDA) द्वारा अनुमोदित है, तथा H-कोइल तकनीक धूम्रपान त्याग (Smoking Cessation) हेतु भी FDA से स्वीकृत है।
इस परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 600 से अधिक गंभीर मानसिक रोगों से ग्रसित मरीजों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है। साथ ही, dTMS उपचार को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) एवं झारखंड राज्य स्वास्थ्य योजना के साथ समन्वित किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इस अवसर पर सीसीएल के महाप्रबंधक (SD एवं CSR) सिद्धार्थ शंकर लाल, रिनपास की निदेशक डॉ. जयंती सिमलाई तथा रोटरी फाउंडेशन के प्रतिनिधि ललित त्रिपाठी एवं गौरव बगरोय उपस्थित थे।
सीसीएल की यह पहल मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
