राजमहल उपकारा में विचाराधीन बंदी को सांप ने काटा, अस्पताल में बची जान
झाड़ियों की सफाई के दौरान हुआ हादसा
साहिबगंज के राजमहल उपकारा में एक विचाराधीन बंदी को झाड़ियों की सफाई के दौरान सांप ने काट लिया। घटना के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत बंदी को राजमहल अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एंटी-वेनम इंजेक्शन देकर उसकी जान बचाई।
साहिबगंज: राजमहल उपकारा में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक विचाराधीन कैदी को सांप ने डस लिया। आनन-फानन में जेल प्रशासन ने घायल बंदी को इलाज के लिए राजमहल अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की तत्परता से उसकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, उपकारा में बंद स्वर्गीय बिरजू यादव के पुत्र 23 वर्षीय सोहन यादव जेल परिसर में उग आए झाड़ियों की साफ-सफाई कर रहा था। इसी दौरान उसे सांप ने काट लिया। साथी बंदियों और जेल कर्मियों ने तुरंत इसकी सूचना जेलर को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोहन को तुरंत राजमहल अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सौरभ कुमार ने सोहन यादव का प्राथमिक उपचार किया। उन्हें सांप के काटने के निशान और लक्षण देखकर तुरंत एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया गया। करीब 4 घंटे की निगरानी के बाद डॉक्टरों ने बताया कि अब बंदी की हालत स्थिर है और खतरे से बाहर है।


जिला जेल अधीक्षक परमेश्वर भगत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सभी बैरकों में सर्च अभियान चलाया गया है। फॉगिंग और दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंदी सोहन यादव यादव की स्थिति अब स्थिर है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उसकी निगरानी की जा रही है। आगे भी स्वास्थ्य जांच जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में आस-पास के इलाकों में सांप निकलने की घटनाएं आम हो जाती हैं। ऐसे में जेल प्रशासन को पहले से ही रोकथाम के उपाय करने चाहिए थे। फिलहाल सोहन यादव यादव को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। जेल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


