Ranchi News: आईसीएआर-आईआईएबी के समर कैंप में बच्चों ने सीखी झारखंड की पारंपरिक सोहराय कला
दो दिवसीय निःशुल्क सोहराय चित्रकला कार्यशाला संपन्न, बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी (आईआईएबी), रांची के समर कैंप के तहत दो दिवसीय निःशुल्क सोहराय चित्रकला कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों ने झारखंड की पारंपरिक सोहराय कला की बारीकियां सीखीं।
रांची: आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी (आईआईएबी), रांची के अंतर्गत कार्यरत स्वयंसेवी संगठन ABOVE (Agri Biotech Organisation for Value Education) द्वारा आयोजित दस दिवसीय समर कैंप के अंतर्गत कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स, रांची के सहयोग से दो दिवसीय निःशुल्क सोहराय चित्रकला कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यशाला में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए झारखंड की पारंपरिक सोहराय कला की विभिन्न तकनीकों एवं शैलीगत विशेषताओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला का संचालन प्रख्यात कलाकार, कला शिक्षक एवं कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के संस्थापक धनंजय कुमार द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को सोहराय कला का इतिहास, सांस्कृतिक महत्व, पारंपरिक प्रतीकों, प्राकृतिक रंगों के उपयोग तथा प्रकृति से प्रेरित आकृतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों ने स्वयं चित्र बनाकर इस लोककला की बारीकियों को समझा और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।


धनंजय कुमार ने कहा कि सोहराय कला झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है और इस कला के संरक्षण एवं संवर्धन में बच्चों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों की उत्सुकता और सीखने की लगन की सराहना की।
समापन अवसर पर प्रतिभागी बच्चों द्वारा तैयार कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी उपस्थित अतिथियों, वैज्ञानिकों, अभिभावकों एवं अन्य दर्शकों ने सराहना की।
ABOVE द्वारा आयोजित दस दिवसीय समर कैंप के समापन अवसर पर 11 जून 2026 को प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों एवं विभिन्न गतिविधियों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा निर्मित सोहराय चित्रों सहित समर कैंप के दौरान तैयार की गई विभिन्न रचनात्मक कृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
यह कार्यशाला सोहराय कला के संरक्षण, संवर्धन एवं नई पीढ़ी तक इसके प्रभावी प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


