झारखंड में भूमि अधिग्रहण नहीं होने से NH-522 सड़क परियोजना रद्द: जे.पी. पांडेय
भाजपा किसान मोर्चा नेता ने राज्य सरकार पर विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाया
भाजपा किसान मोर्चा के नेता जय प्रकाश पांडेय ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण NH-522 सड़क परियोजना की स्वीकृत राशि लैप्स हो गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण झारखंड की कई सड़क परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।
रांची: भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता सह झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने झारखंड सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण नहीं होने से NH-522 की स्वीकृति राशि लैप्स होने पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान की हेमंत सरकार को झारखंड के विकास की गति से कोई लेना-देना नहीं है। उनका ध्यान केवल मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना पर केंद्रित है। इस बात पर भी गौर करना चाहिए कि झारखंड के वित्त मंत्री जी ने बयान दिया है कि मईया सम्मान योजना और सर्वजन पेंशन योजना से किसी तरह मनुष्यों का जीवन तो कट सकता है, परंतु झारखंड का विकास संभव नहीं है। जब तक सभी बेरोजगारों को रोजगार से नहीं जोड़ा जाएगा, जो झारखंड में शून्य की स्थिति है, और जो महिलाएं झारखंड में कुपोषण दूर करने लगी हैं, उन आंगनवाड़ी केंद्रों को आज 50 वर्ष बीतने के बाद भी राज्यकर्मी का दर्जा नहीं दिया गया। जबकि पूर्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जब सरकार में नहीं थे, तो उन्होंने वादा किया था कि जब मेरी सरकार आएगी, तो मानदेय क्या चीज है, हम राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान करेंगे। तो क्या हुआ उस वादे का? केवल धोखा।
आज झारखंड की जनता भी समझ चुकी है कि वर्तमान हेमंत सरकार को विकास से कुछ लेना-देना नहीं है। केवल लूटतंत्र कायम रखते हुए कोयला, बालू, पत्थर सहित कई अन्य वस्तुओं की चोरी कराते रहनी है और गरीब जनता को मईया सम्मान योजना और पेंशन योजना जीने के लिए देते रहना है, ताकि हमारी सरकार चलती रहे।


केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी द्वारा समीक्षा की जा रही थी, जिसमें झारखंड की कुल 4,190 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण नहीं होने के कारण रद्द की जा चुकी हैं। यह झारखंड के विकास की गति को कम करने वाला दुष्कर कार्य है, जो झारखंड सरकार द्वारा किया गया है और अत्यंत गंभीर विषय है। अब झारखंड की जनता को यह दिन देखना पड़ रहा है और लोग टूटी-फूटी सड़कों पर चलने को बाध्य हैं। यहां की जनता स्वयं ही आकलन कर रही है कि अब आगे क्या किया जाए।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
Related Posts

Latest News

