आंगनवाड़ी कर्मियों को स्थायी कर्मचारी घोषित कर कानूनी अधिकार प्रदान करे झारखंड सरकार: जे.पी. पांडेय
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उठाई नियमितीकरण की मांग
भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता एवं झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य की लगभग 70 हजार आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की है।
रांची: भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता सह झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि "पानी सिर से ऊपर बह रहा है" और झारखंड में कार्यरत आंगनवाड़ी महिला कर्मियों को नियमित सेवा एवं कानूनी अधिकार नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कानूनी अधिकार उपलब्ध होने के बावजूद झारखंड सरकार, एक समृद्ध राज्य होने के बाद भी, लगभग 50 वर्षों से गांवों में कुपोषण दूर करने का कार्य कर रही आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा नहीं देकर अन्याय कर रही है। उन्हें मिलने वाला अल्प मानदेय, पोषाहार मद की राशि, मोबाइल रिचार्ज, मकान भाड़ा, सीबीई मद की राशि तथा बच्चों के बीच वितरित किए जाने वाले राशन का भुगतान भी कई महीनों से लंबित है। इसके बावजूद आंगनवाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं उधार लेकर राशन खरीद रही हैं और कुपोषित बच्चों की सेवा कर रही हैं।


उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि राज्य के लगभग 70 हजार आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं को शीघ्र राज्यकर्मी का दर्जा नहीं दिया गया तथा सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन एवं ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिला, तो बाध्य होकर झारखंड सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
जय प्रकाश पांडेय ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब शोषण की सभी सीमाएं पार कर चुकी है और हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी अवहेलना कर रही है। इसके कारण पूरे झारखंड की आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिससे कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है और गांवों तथा शहरों के आम नागरिक भी इस आंदोलन में शामिल होकर सरकार के खिलाफ चक्का जाम करने को बाध्य होंगे।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


