एनजीटी नियमों की उड़ाई जा रहीं धज्जियां: पाकुड़िया-काजलादाहा सीमा पर बेलगाम बालू माफिया का अवैध कारोबार
पाकुड़िया और शिकारीपाड़ा प्रखंड की सीमा पर स्थित ब्राह्मणी नदी में अवैध बालू खनन का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मानसून प्रतिबंध और एनजीटी के नियमों की अनदेखी कर प्रतिदिन बड़ी मात्रा में बालू पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है।
पाकुड़। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सख्त नियमों को ठेंगा दिखाते हुए पाकुड़िया और शिकारीपाड़ा प्रखंड की सीमा पर स्थित ब्राह्मणी नदी में अवैध बालू खनन बेरोकटोक जारी है। दो प्रखंडों की सीमा का फायदा उठाकर बालू माफिया रोजाना बड़ी मात्रा में बालू निकालकर पश्चिम बंगाल भेज रहे हैं। प्रशासन की उदासीनता से माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
ताजा मामला शिकारीपाड़ा प्रखंड की झुनकी पंचायत अंतर्गत काजलादाहा ब्राह्मणी नदी घाट का है। यह घाट पाकुड़िया प्रखंड की सीमा से सटा हुआ है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, झुनकी पंचायत के कुछ रसूखदार ट्रैक्टर मालिक दिन-रात नदी का सीना चीरकर बालू का अवैध खनन कर रहे हैं।


चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग को इस पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। "दो प्रखंडों की सीमा" का हवाला देकर अक्सर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं, जिसका सीधा लाभ बालू तस्कर उठा रहे हैं।
लगातार ओवरलोड ट्रैक्टरों के परिचालन से ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। वहीं, नदी का जलस्तर प्रभावित हो रहा है और कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। अवैध खनन के कारण सरकार को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद छापेमारी केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है। एक ग्रामीण ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया, "माफिया को पहले ही सूचना मिल जाती है। टीम के पहुंचने से पहले ही पूरा काम बंद कर दिया जाता है।"
ग्रामीणों ने उपायुक्त, पाकुड़ से मांग की है कि दोनों प्रखंडों की संयुक्त टीम गठित कर काजलादाहा घाट पर व्यापक छापेमारी की जाए। साथ ही, दोषी ट्रैक्टर मालिकों, जेसीबी संचालकों और इस अवैध कारोबार से जुड़े सफेदपोश लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


