श्रावणी मेला 2026: बिहार-झारखंड के अधिकारियों की बड़ी बैठक, VIP दर्शन पर पूर्ण रोक
संथाल परगना आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बिहार-झारखंड इंटर स्टेट समन्वय बैठक
राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल संचालन को लेकर देवघर में बिहार और झारखंड के अधिकारियों की अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम जलार्पण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस वर्ष श्रावणी मेले में VIP एवं आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूर्ण रोक रहेगी।
देवघर: राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के सफल संचालन के लिए सुल्तानगंज से देवघर तक श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधा व सुरक्षा के पुख्ता व्यवस्था मिले तथा दोनों राज्यों के बीच कैसे को-ओर्डिनेशन मजबूत हो, इसके लिए झारखण्ड एवं बिहार इंटर स्टेट को-ओर्डिनेशन की बैठक का आयोजन संथाल परगना आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में आज दिनांक 04.07.2026 को देवघर परिसदन के सभागार में की गई। इस दौरान उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया द्वारा मौके पर उपस्थित संथाल परगना प्रमंडल, भागलपुर व मुंगेर प्रमंडल के कमिशनर के अलावा बिहार व झारखण्ड के उपायुक्त, पुलिस अधिक्षक एवं आलाधिकारियों का स्वागत किया।
बैठक के दौरान संथाल परगना आयुक्त द्वारा बतलाया गया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेला, 2026 के सफल संचालन को लेकर विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा करना है, ताकि सुल्तानगंज से जल भरने के पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा जिन-जिन स्थानों से होकर पैदल यात्रा की जाय, वहां श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध करायी जा सके। इसके लिए कांवरिया मार्ग में पड़ने वाले सभी जिलों द्वारा आपसी समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाय, ताकि श्रद्धालु सुगमतापूर्वक जलार्पण कर पायें और उन्हें किसी प्रकार की कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। बैठक में संथाल परगना आयुक्त द्वारा आगे जानकारी दी गई कि श्रावणी मेला के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु देवघर व दुमका आते हैं। ऐसे मे श्रद्धालुओं को व्यवस्थित व सुगमतापूर्वक से जलार्पण कराना प्रशासन के लिए एक चुनौतिपूर्ण कार्य है। यहां आगन्तुक सभी श्रद्धालुओं के भीड़ को नियंत्रित करने हेतु पूरे मेला क्षेत्र में कई होल्डिंग प्वाइंट बनाये गये हैं, जहां सभी मूलभूत सुविधाएँ यथा- बिजली, पंखा, शौचालय, मोबाईल चार्जिंग, स्वास्थ्य सुविधा, स्नानागार व पेयजल सुविधा आदि होंगी। संथाल परगना आयुक्त द्वारा आगे बतलाया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सूचना तकनीकी को और भी सुदृढ़ किया जायेगा। आधुनिक सूचना तकनीकी व्हाट्स एप्प के साथ साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से अधिक से अधिक दोनों राज्यो के अधिकारियों को जोड़ा जायेगा, ताकि सूचना मिलते हीं त्वरित कार्रवाई की जा सके। साथ हीं संथाल परगना आयुक्त द्वारा बतलाया गया कि सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान व भीड़ नियंत्रण हेतु भागलपुर, बांका, जमुई व मुंगेर के साथ आपसी समन्वय बनाकर कार्य किया जायेगा, ताकि उसके माध्यम से कांवरिया मार्ग के पल-पल की जानकारी का आदान-प्रदान होता रहे। आगे बैठक के दौरान बाहर से आने वाले छोटे बच्चें व बुर्जूग श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु उनके साथ फोन नम्बर या उनका पता उनके साथ हो यह सुनिश्चित करने हेतु व्यापक रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार करने की बात कही गयी, ताकि प्रशासन को ऐसे खोये हुए श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने में सुविधा हो।


इंटर स्टेट को-ओर्डिनेशन की बैठक के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के आग्रह पर बिहार से आने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों के छतों पर किसी भी सूरत में श्रद्धालुओं को न बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गयी। डबल डेकर वाहनों का प्रवेश पर पूर्णतः रोक रहेगी। इस संबंध में सीमावर्ती जिलों से अपील किया गया की वे भी जिला प्रशासन देवघर का सहयोग करें। साथ ही उपायुक्त ने कहा कि देवघर में मेले में जो जलार्पण की व्यवस्था, रूटलाईनिंग मैनेजमेंट, स्वास्थ्य व्यवस्था, आवासन, पेयजल, शौचालय आदि सुविधाओं से सभी को अवगत कराया। आगे उन्होंने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से राज्य सरकार के निदेशानुसार वीआईपी पूजा की सुविधा नहीं रहेगी, ताकि आम श्रद्धालुओं को मेला के दौरान किसी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े। साथ हीं उपायुक्त द्वारा राजकीय श्रावणी मेला के दौरान आगन्तुक श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुख-सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत जानकारी सभी को दी गयी। बैठक के दौरान विभिन्न बिन्दुओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी विस्तृत चर्चा की गयी। साथ हीं दोनों राज्यों में सुल्तानगंज से देवघर और सभी कांवरिया पथ पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायेंगें। इसके अलावे दोनो राज्यों के संबंधित अधिकारी चौबिसों घंटे सम्पर्क में रहेंगें।
बैठक में उपरोक्त के अलावा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आईजी भागलपुर, डीआईजी भागलपुर, डीआईजी दुमका, एसएसपी भागलपुर, जिलाधिकारी भागलपुर, जिलाधिकारी बाँका, जिलाधिकारी मुंगेर, उपायुक्त गोड्डा, उपायुक्त देवघर, उपायुक्त दुमका, पुलिस अधीक्षक बांका, पुलिस अधीक्षक मुंगेर, आरक्षी अधीक्षक जमुई, पुलिस अधीक्षक देवघर व दुमका, पुलिस अधीक्षक गोड्डा, उप विकास आयुक्त देवघर, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, देवघर, यातायात पुलिस उपाधीक्षक देवघर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के विभिन्न अधिकारी व पुलिस पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


