शिक्षा, अनुशासन और उत्कृष्टता का उत्सव: डीपीएस रांची ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित
विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
दिल्ली पब्लिक स्कूल, राँची ने सीबीएसई कक्षा 12वीं परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया। समारोह में विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के 401 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए।
रांची: दिल्ली पब्लिक स्कूल ने सीबीएसई सीनियर स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन (एसएससीई), कक्षा बारहवीं – 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अपने विद्यार्थियों की असाधारण शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान करने हेतु विवेकानंद सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर विज्ञान, वाणिज्य एवं कला संकाय के उन विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सफलता का उत्सव मनाया गया, जिन्होंने उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए। साथ ही, विद्यार्थियों की सफलता में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उनके गौरवान्वित अभिभावकों के अटूट सहयोग, प्रोत्साहन एवं समर्पण का भी सम्मान किया गया, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने इस समारोह को और अधिक यादगार एवं अर्थपूर्ण बना दिया। इस प्रतिष्ठित समारोह की शोभा श्री अंजनेयुलु डोड्डे (आईएएस), स्पेशल सेक्रेटरी, डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू, रजिस्ट्रेशन एंड लैंड रिफॉर्म्स झारखंड सरकार तथा श्री सुनील भास्कर (आईपीएस), आई.जी, जैप, झारखंड ने विशिष्ट अतिथियों के रूप में बढ़ाई। उनकी प्रेरणादायी उपस्थिति ने समारोह की गरिमा एवं महत्त्व को और अधिक बढ़ा दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के गायन दल द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत से हुआ। इस सुरमयी प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को आत्मीयता, उल्लास एवं प्रेरणा से भर दिया तथा समारोह के लिए एक उत्कृष्ट वातावरण का निर्माण किया। इसके उपरान्त औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय की माननीय प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने विशिष्ट अतिथियों को सैपलिंग, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया। यह सम्मान प्रकृति संरक्षण, सतत विकास तथा प्रगति के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक था। इसके पश्चात् माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। समारोह में सांस्कृतिक रंग भरते हुए विद्यालय के प्रतिभाशाली नृत्य दल ने एक मनोहारी सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनुशासन एवं कलात्मक उत्कृष्टता का सुंदर प्रदर्शन किया।


समारोह का मुख्य आकर्षण विज्ञान, वाणिज्य एवं कला संकाय के उन 401 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान था, जिन्होंने सीबीएसई वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा (एसएससीई), कक्षा बारहवीं – 2026 में 90 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त किए। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच विशिष्ट अतिथियों ने प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को व्यक्तिगत रूप से सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। जेईई एडवांस्ड में राज्य के द्वितीय टॉपर स्नेहल राज सिंह को प्रतिष्ठित 'निशांत कुमार मेमोरियल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। उन्हें निशांत कुमार के माता-पिता द्वारा ₹30,000 की नकद पुरस्कार राशि एवं एक स्मृति-चिह्न भी प्रदान किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए अंजनेयुलु डोड्डे (आईएएस) ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा, "इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सम्मानित होते देखना वास्तव में अत्यंत गर्व का विषय है। प्रत्येक सफलता की कहानी के पीछे अनुशासन, निरंतरता तथा सीखते रहने की प्रबल इच्छा निहित होती है। इन विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम नहीं हैं, बल्कि डीपीएस राँची द्वारा निर्मित सशक्त शैक्षणिक वातावरण का भी प्रमाण हैं। अब जब आप महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश करने जा रहे हैं, तो सदैव स्मरण रखें कि आपकी शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करना नहीं है। राष्ट्र को ऐसे युवा मस्तिष्कों की आवश्यकता है, जिनमें बुद्धिमत्ता के साथ-साथ सत्यनिष्ठा, करुणा तथा समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी हो। वास्तविक सफलता दूसरों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने, वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने में निहित है। जीवन भर जिज्ञासु बने रहिए, क्योंकि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। प्रत्येक चुनौती आपको आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है और प्रत्येक असफलता आपको बड़ी सफलता के लिए तैयार करती है। मैं सभी सम्मानित विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। जीवन आपको जहाँ भी ले जाए, ईमानदारी, विनम्रता और उत्कृष्टता के मूल्यों को सदैव बनाए रखिए। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी विद्यार्थी देश का नाम गौरवान्वित करेंगे।"
अपने प्रेरणादायी संबोधन में सुनील भास्कर (आईपीएस) ने अपने व्यावसायिक जीवन के अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों को प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा, "जीवन में सफलता केवल बुद्धिमत्ता से निर्धारित नहीं होती, बल्कि उसका आधार चरित्र, अनुशासन और विपरीत परिस्थितियों का साहसपूर्वक सामना करने की क्षमता होती है। जिन परीक्षा परिणामों का आप आज उत्सव मना रहे हैं, वे निस्संदेह अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं, किन्तु वे आपके जीवन की एक लंबी यात्रा का केवल प्रारम्भ हैं। जीवन आपको अनेक अवसर भी देगा और अनेक चुनौतियों का सामना भी कराएगा। आपकी वास्तविक शक्ति इस बात से पहचानी जाएगी कि आप दोनों परिस्थितियों का सामना किस प्रकार करते हैं। राष्ट्र अपनी युवा पीढ़ी से अत्यधिक आशाएँ रखता है। व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करने के साथ-साथ ऐसे उत्तरदायी नागरिक बनने का भी प्रयास कीजिए, जो संविधान का सम्मान करें, विधि के शासन में विश्वास रखें तथा एक शांतिपूर्ण, समावेशी एवं प्रगतिशील समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान दें। नेतृत्व का अर्थ केवल अधिकार प्राप्त करना नहीं है, बल्कि सेवा, उत्तरदायित्व और अपने कार्यों द्वारा दूसरों को प्रेरित करना है।"
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एक मधुर एवं प्रेरणादायी गीत के साथ अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में हुआ। इसके उपरान्त औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा समारोह की सफलता में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। अंत में सम्मानित विद्यार्थियों, विशिष्ट अतिथियों एवं विद्यालय के शिक्षकों के साथ समूह छायाचित्र लिए गए, जिन्होंने गर्व, उपलब्धि एवं सामूहिक उल्लास के उन अविस्मरणीय क्षणों को सदैव के लिए स्मरणीय बना दिया।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


