Big Breaking: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर सरकार का बड़ा फैसला: 45 परीक्षाएं रद्द, सीजीएल भी शामिल
सीआईडी/एसआईटी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट, आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ और परीक्षा सुधार समिति बनाने का फैसला
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य सरकार ने 18 अगस्त 2026 को बड़ा फैसला लिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं के माध्यम से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से संबंधित कुल 45 परीक्षाओं/भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार की अधिसूचनाओं में कहा गया है कि परीक्षाओं में अनियमितता की शिकायतों के आलोक में सीआईडी/एसआईटी के अनुसंधान के क्रम में सरकार के समक्ष लाए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।विश्वविद्यालयों से लेकर मेडिकल कॉलेज तक की भर्ती परीक्षाएं रद्द

सिविल न्यायाधीश से संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा तक
दूसरी अधिसूचना में सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ प्रभाग), सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्र पदाधिकारी, सहायक लोक अभियोजक तथा झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित आठ भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द किया गया है।
इनमें सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ प्रभाग), विज्ञापन संख्या 22/2023; सहायक वन संरक्षक, 03/2024; वन क्षेत्र पदाधिकारी, 04/2024; सहायक लोक अभियोजक (बैकलॉग), 05/2025; सहायक लोक अभियोजक (नियमित), 06/2025; झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025, 01/2026; झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (बैकलॉग)-2025, 05/2026 तथा झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (बैकलॉग)-2023, 06/2026 शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की परीक्षा भी रद्द
तीसरी अधिसूचना में तीन परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। इनमें खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, विज्ञापन संख्या 18/2023; बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, विज्ञापन संख्या 21/2023 और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023, विज्ञापन संख्या 01/2024 शामिल हैं।
जेपीएससी की छह महत्वपूर्ण भर्तियां भी रद्द
चौथी अधिसूचना में जेपीएससी की छह भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द किया गया है। इनमें खाद्य विश्लेषक, उप निदेशक-अभियोजन, परियोजना प्रबंधक एवं समकक्ष, कारखाना निरीक्षक, बॉयलर निरीक्षक और निदेशक पद की भर्ती शामिल है।
इनके विज्ञापन क्रमांक क्रमशः 05/2024, 03/2025, 04/2025, 01/2025, 02/2025 और 07/2025 हैं।
वर्षों पुरानी 17 भर्ती परीक्षाएं भी रद्द
सरकार के फैसले का बड़ा हिस्सा कई वर्ष पुरानी जेपीएससी भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है। अधिसूचना में कुल 17 पुरानी परीक्षाओं/भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने का निर्णय दर्ज है।
इस सूची में 5वीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती परीक्षा-2013, सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ प्रभाग) भर्ती-2015, सिविल न्यायाधीश विशेष भर्ती-2015, मृदा संरक्षण पदाधिकारी भर्ती-2015, सहायक निदेशक कृषि/अनुमंडल कृषि पदाधिकारी एवं समकक्ष भर्ती-2015, इसकी बैकलॉग भर्ती, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी भर्ती-2016, डेंटिस्ट (मूल संवर्ग)-2016, संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग भर्ती-2017, वाणिज्यिक कर सीमित परीक्षा-2010, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2016, भू-विज्ञानी एवं रसायनज्ञ भर्ती-2017, सहायक लोक अभियोजक भर्ती-2018, सिविल न्यायाधीश नियमित भर्ती-2018, संयुक्त सहायक अभियंता भर्ती-2019, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2021 तथा डेंटल डॉक्टरों की नियमित भर्ती-2022 शामिल हैं।
उप समाहर्ता और झारखंड पात्रता परीक्षा भी रद्द
छठी अधिसूचना में छठी सीमित उप समाहर्ता परीक्षा, विज्ञापन संख्या 11/2018 और झारखंड पात्रता परीक्षा-2024, विज्ञापन संख्या 08/2025 को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा भी रद्द
सरकार के फैसले में सबसे चर्चित जेएसएससी सीजीएल परीक्षा, विज्ञापन संख्या 10/2023 भी शामिल है।
अधिसूचना में कहा गया है कि सीजीएल परीक्षा में अनियमितता की शिकायत के आलोक में एसआईटी की जांच एवं सीआईडी अनुसंधान के क्रम में सरकार के समक्ष लाए गए तथ्यों के आधार पर सीजीएल परीक्षा को रद्द किया जाता है।
अब परीक्षा व्यवस्था में भी होगा बड़ा बदलाव
सरकार ने केवल परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय नहीं लिया है, बल्कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है।
अधिसूचना के अनुसार जेपीएससी/जेएसएससी में अनियमितता एवं कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने हेतु उच्च न्यायालय से अनुरोध किया जाएगा।
इसके अलावा दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया है।
परीक्षा सुधार के लिए विशेष समिति
सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक विशेष समिति गठित करने का भी निर्णय लिया है। अधिसूचना में समिति की अध्यक्षता झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश द्वारा किए जाने का उल्लेख है।
समिति में अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। समिति को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।
45 परीक्षाओं पर एक साथ कार्रवाई
18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचनाओं में दर्ज विभिन्न सूचियों को जोड़ने पर कुल 45 परीक्षाओं/भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द किए जाने का निर्णय सामने आता है। इनमें हाल की भर्ती परीक्षाओं के साथ कई वर्ष पुरानी परीक्षाएं भी शामिल हैं।
इस फैसले के बाद इन परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार और संबंधित आयोग की अगली कार्रवाई पर होगी। हालांकि, इन अधिसूचनाओं में रद्द की गई परीक्षाओं के लिए नई परीक्षा की तारीख, पुनर्परीक्षा, शुल्क वापसी या नई आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम नहीं दिया गया है।
सरकार के इस फैसले से स्पष्ट है कि परीक्षा में अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों पर कार्रवाई के साथ-साथ जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा प्रणाली में निगरानी और सुधार की नई व्यवस्था तैयार करने की दिशा में भी कदम उठाया गया है।
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