कोडरमा के लक्ष्मीपुर गांव में गोबर गैस से जल रहे चूल्हे, महिलाओं ने बदली गांव की तस्वीर
गोवर्धन योजना के तहत स्थापित 1500 किलोग्राम क्षमता का बायोगैस प्लांट
कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड स्थित लक्ष्मीपुर गांव में गोवर्धन योजना के तहत स्थापित बायोगैस प्लांट ग्रामीण आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन रहा है। गांव के 32 घरों में पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाई जा रही है, जिससे महिलाएं बिना लकड़ी और कोयले के खाना पका रही हैं।
कोडरमा: कोडरमा के डोमचांच प्रखंड स्तिथ लक्ष्मीपुर गांव में गोबर गैस प्लांट से घरों में गैस की आपूर्ति की जा रही है। गोबर्धन योजना के तहत गोबर गैस प्लांट की यह पहल कारगर साबित हो रही है।
इंधन बचाओ जीवन बचाओ के संकल्पों को साकार करते हुए कोडरमा जिले के लक्ष्मीपुर गांव में महिलाएं गोबर गैस से खाना पका रही है। इस गांव में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज टू मे गोवर्धन योजना के तहत गोबर गैस प्लांट की स्थापना की गई है। और इसके संचालन से लेकर उपयोग तक की जिम्मेदारी महिलाओं को दी गई है।


गोवर्धन योजना के तहत इस गांव में 1500 किलोग्राम क्षमता वाले बायोगैस प्लांट की स्थापना की गई है। बायोगैस एलपीजी गैस की तुलना में काफी सुरक्षित भी माना जाता है। साथ ही गैस बनने के बाद इस्तेमाल हो चुके गोबर सूखकर खाद भी बन जाता है जो खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ाने में कारगर है।
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