जमशेदपुर ट्रिपल मर्डर से दहला शहर, पत्नी-बेटे और गर्भवती बेटी की हत्या के बाद आरोपी बोला- मुझे फांसी दो
सिदगोड़ा के एग्रिको में टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी ने दिया वारदात को अंजाम
जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित एग्रिको में ट्रिपल मर्डर की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारी रवींद्र सिंह ने अपनी पत्नी, सोते हुए बेटे और गर्भवती बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को फोन कर जानकारी दी और अब वह मौत की सजा की मांग कर रहा है।
जमशेदपुर: सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको में हुए ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारी रवींद्र सिंह ने जिस बेरहमी से अपनी पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की हत्या की, उसकी कहानी सुनकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। हत्या के बाद आरोपी खुद पुलिस से फांसी की मांग कर रहा है। मंगलवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी रवींद्र सिंह ने खुलासा किया कि उसने सोमवार सुबह करीब छह बजे वारदात को अंजाम दिया। उस समय उसकी पत्नी सरिता सिंह रसोई में नाश्ता तैयार कर रही थीं। कुछ देर बाद वह बेसिन के पास बर्तन धोने लगीं। इसी दौरान रवींद्र पीछे से टांगी लेकर पहुंचा और सरिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसने कई बार वार किए, जिससे सरिता सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घर के कमरे बंद थे और एयर कंडीशनर चल रहा था, इसलिए चीख-पुकार बाहर तक नहीं पहुंच सकी।

इसके बाद वह अपनी गर्भवती बेटी सुप्रिया के कमरे में गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने सुप्रिया पर भी हथौड़े से हमला किया। वह तब तक वार करता रहा जब तक उसे यह यकीन नहीं हो गया कि उसकी बेटी की मौत हो चुकी है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने तीनों शवों पर दोबारा भी वार किए ताकि कोई बच न सके।
तीनों हत्याओं के बाद आरोपी ने खुदकुशी करने की कोशिश भी की। उसने घर में गैस चूल्हा खोलकर आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन पर्दे में आग लगते ही वह घबरा गया। बाद में उसने खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के भीतर खून से लथपथ शव पड़े थे और दीवारों पर खून के निशान मिले।
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि सुबह सरिता सिंह सामान्य तरीके से घर के बाहर निकली थीं और आसपास के लोगों को देखकर मुस्कुराई भी थीं। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद घर के अंदर इतना भयावह नरसंहार हो जाएगा।
रवींद्र सिंह के परिवार में कुल चार बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी दिल्ली में रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही दोनों जमशेदपुर पहुंचे। परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। आरोपी के इस कदम से उसके परिचित और टाटा स्टील के पूर्व सहकर्मी भी स्तब्ध हैं। उनका कहना है कि रवींद्र शांत स्वभाव का व्यक्ति था और किसी ने कभी नहीं सोचा था कि वह इतनी खौफनाक घटना को अंजाम दे सकता है।
पुलिस हिरासत में आरोपी लगातार खुद को दोषी बता रहा है। उसने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उसने बहुत बड़ा अपराध किया है और उसे तुरंत मौत की सजा दे दी जाए। वह बार-बार कह रहा है कि अब वह समाज में किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचा है।
सिदगोड़ा थाना पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल टांगी और हथौड़ा बरामद कर लिया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की हर एंगल से जांच जारी है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
