शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर बरहरवा में महाधरना नौवें दिन भी जारी
“सम्मान और पहचान की लड़ाई” बताकर आंदोलनकारियों ने सरकार को घेरा
बरहरवा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः जारी करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन महाधरना नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया और जल्द समाधान की मांग की।
साहिबगंज: शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर बरहरवा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन महाधरना मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। लगातार नौ दिनों से धरनास्थल पर डटे समुदाय के लोगों में प्रशासन की उदासीनता को लेकर भारी नाराजगी है। धरना स्थल पर मंगलवार को भी बड़ी संख्या में छात्र, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की। आंदोलनकारियों का आरोप है कि पिछले एक दशक से बार-बार ज्ञापन सौंपने, वार्ता करने और शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद प्रशासन कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है।
समुदाय के लोगों ने साफ कहा कि जब तक शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मो. अजमाइल ने कहा कि प्रशासन तकनीकी कारणों का हवाला देकर मामले को टाल रहा है। जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल में स्थानीय जांच के आधार पर शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है। झारखंड में भी वर्ष 2012 तक इसी प्रक्रिया के तहत प्रमाण पत्र निर्गत होते थे।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
