Suvendu Adhikari Net Worth: न गाड़ी, न गहने, सिर्फ ₹12 हजार कैश... फिर कितनी है सुवेंदु अधिकारी की कुल संपत्ति?
शुभेंदु अधिकारी लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा रहे, लेकिन 2020 में भाजपा में शामिल होने के बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा। 2021 में उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी। वहीं 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने बंगाल की राजनीति में भाजपा को बड़ी बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की हो रही है। नंदीग्राम से ममता बनर्जी को चुनौती देने वाले और 2026 चुनाव में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बने शुभेंदु अधिकारी अब अपनी संपत्ति को लेकर भी सुर्खियों में हैं। चुनाव आयोग में जमा किए गए उनके हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल घोषित संपत्ति 85.87 लाख रुपये है। खास बात यह है कि इतने बड़े राजनीतिक कद के बावजूद उनके नाम पर न कोई निजी कार है, न सोने-चांदी के गहने और न ही किसी तरह का कर्ज।
सिर्फ ₹12 हजार कैश, लेकिन 14 बैंक खातों में लाखों जमा
हलफनामे के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के पास नकद केवल 12 हजार रुपये हैं। हालांकि अलग-अलग बैंकों में उनके कुल 14 खाते मौजूद हैं। इनमें पंजाब नेशनल बैंक, SBI, Axis Bank, IDBI Bank और कुछ को-ऑपरेटिव बैंक शामिल हैं। इन खातों में कुल मिलाकर लगभग 7.34 लाख रुपये जमा बताए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपनी सेविंग्स को अलग-अलग बैंकिंग और सरकारी योजनाओं में बांटकर रखा है।
कार नहीं, बाइक नहीं... ज्वेलरी भी नहीं
जमीन और फ्लैट से बनी सबसे बड़ी नेटवर्थ

LIC, NSC और KVP में किया सुरक्षित निवेश
भाजपा नेता ने शेयर मार्केट या हाई रिस्क निवेश की बजाय पारंपरिक योजनाओं पर भरोसा दिखाया है। उनके पास कई National Savings Certificates (NSC), Kisan Vikas Patra (KVP) और LIC पॉलिसियां हैं। रिपोर्ट के अनुसार उनकी सात LIC पॉलिसियों की कुल वैल्यू लाखों रुपये में है। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस सेविंग्स और सरकारी बचत योजनाओं में भी उन्होंने निवेश किया हुआ है।
एक भी रुपये का कर्ज नहीं
हलफनामे में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शुभेंदु अधिकारी पर किसी तरह का बैंक लोन या देनदारी नहीं है। न कोई सरकारी बकाया, न निजी कर्ज और न ही कोई अन्य वित्तीय दायित्व। यानी उनकी घोषित संपत्ति पूरी तरह कर्ज मुक्त है। आज के समय में जहां बड़े नेताओं और कारोबारियों पर करोड़ों के लोन देखने को मिलते हैं, वहां यह जानकारी लोगों का ध्यान खींच रही है।
5 साल में दोगुनी हुई कमाई
आयकर रिटर्न के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में उनकी आय तेजी से बढ़ी है। वित्त वर्ष 2020-21 में उनकी आय करीब 8.13 लाख रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर लगभग 17.38 लाख रुपये पहुंच गई। उनकी आय के प्रमुख स्रोत विधायक वेतन, सांसद पेंशन और अन्य व्यवसाय बताए गए हैं।
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