14 महीने बाद जेल से बाहर आए सैयद अरशद नसर, कहा – न झुकेंगे, न डरेंगे
8 जनवरी 2025 से जेल में बंद थे अरशद
साहिबगंज के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजमहल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सैयद अरशद नसर 14 महीने बाद जेल से रिहा हो गए। उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों में नियमित जमानत मिलने के बाद वे शेखपुरा जेल से बाहर आए।
साहिबगंज : चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह राजमहल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सैयद अरशद नसर के खिलाफ़ जिले के खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू के द्वारा रंगदारी, भयदोहन, ब्लैकमेलिंग, सरकारी संचिका फाड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने व एससी-एसटी एक्ट के तहत जिरवाबाड़ी थाना में दर्ज कराए गए दो-दो कांड संख्या- (104/24 तथा 204/24) में झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी के बेंच में विद्वान अधिवक्ता सुधांशु शेखर चौधरी व प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश, साहिबगंज अखिल कुमार के न्यायालय में विद्वान अधिवक्ता मोहम्मद तारीक जफर उर्फ मिंटू के द्वारा तथा शेखपुरा थाना कांड संख्या-248/24 में संतोष कुमार तिवारी, प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश, शेखपुरा के न्यायालय में विद्वान अधिवक्ता बिनोद कुमार सिंह के द्वारा अरशद की तरफ़ से पैरवी उपरांत न्यायालय के द्वारा नियमित जमानत प्रदान करने के चलते अरशद 14 महीने पर रविवार को शेखपुरा जेल से बाहर निकले।

साहिबगंज व मधुपुर जेल में बिताए गए पल के बारे में अरशद ने बताया कि अंग्रेज के समय का जेल बेहतर था जबकि आजाद भारत का साहिबगंज जेल व मधुपुर जेल नरक से भी बदतर है, जिसका वह जल्द खुलासा करेंगे। हाई कोर्ट द्वारा उनके खनन कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बारे में कहा की वे सुप्रीम कोर्ट में जल्द अपील दायर करेंगे। अरशद के जेल से बाहर आने पर भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारी समेत सफेदपोश नेताओं व आसामाजिक तत्वों व पत्थर माफियाओं व कारोबारियों में दहशत व बेचैनी देखी जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ताओं, जागरूक नागरिकों व बुद्धिजीवी वर्ग में खुशी व हर्ष व्याप्त है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
