एक रात की आंधी ने उजाड़े आम किसानों के सपने, साहिबगंज में हजारों क्विंटल फसल बर्बाद
बोरियो, बरहेट, मंडरो और राजमहल के बागानों में भारी नुकसान
साहिबगंज जिले में देर रात आई तेज आंधी-तूफान और बारिश ने आम किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। बोरियो, बरहेट, मंडरो और राजमहल प्रखंडों के दर्जनों गांवों में हजारों क्विंटल आम पेड़ों से टूटकर जमीन पर गिर गए।
साहिबगंज: बीते दिनों देर रात आई तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जिले के आम किसानों की कमर तोड़ दी। बोरियो, बरहेट, मंडरो और राजमहल प्रखंडों के दर्जनों गांवों में बागानों से हजारों क्विंटल कच्चे-पके आम टूटकर जमीन पर बिखर गए। महीनों की मेहनत एक रात में मिट्टी हो गई। प्रखंड मुख्यालय के संथाली, जोंका, समदा, रामनगर समेत कई गांवों में तबाही का मंजर है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगाए गए बागान भी तूफान की चपेट में आ गए। कई जगह पेड़ों की बड़ी डालियां टूट गईं, तो कुछ जगह छोटे पेड़ ही उखड़ गए।
राजमहल प्रखंड के किसान सिकीन मंडल ने बताया कि बागान से करीब 20 क्विंटल आम गिर गए। एक साथ इतना आम बेचना नामुमकिन था। आम सड़ने लगे हैं। इस बार फसल बहुत अच्छी थी, अच्छा दाम मिलने की उम्मीद थी, पर तूफान ने सब तोड़ दिया। मदनशाही के पूर्व मुखिया प्रभाष हांसदा ने कहा कि मेरे बागान में 10 क्विंटल आम झड़ गए। खरीदार नहीं मिला तो गांव में मुफ्त बांटना पड़ा। अगर कोल्ड स्टोरेज रहता तो कुछ तो बच जाता।

Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
