Pakud News: महेशपुर में ओवरलोड बालू की अवैध तस्करी जारी, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
बिना वैध चालान के बालू ढुलाई का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
महेशपुर थाना क्षेत्र में बासलोई और शहरी नदी घाटों से अवैध बालू खनन और ओवरलोड परिवहन का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-दहाड़े सैकड़ों ट्रैक्टर बिना वैध चालान के बालू ढुलाई कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
पाकुड़: महेशपुर थाना क्षेत्र में इन दिनों बालू माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। लगातार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रखंड के तेलियापोखर, रोलाग्राम एवं बलियाडांगल पंचायत क्षेत्र स्थित शहरी बासलोई नदी घाट, मालधारा नदी घाट, कैराछत्तर घाट तथा रोलाग्राम नदी घाट से खुलेआम अवैध बालू उठाव जारी है।
स्थिति यह है कि दिन-दहाड़े ओवरलोड बालू लदे ट्रैक्टर सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय मौन साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की नाक के नीचे अवैध खनन और परिवहन का खेल लगातार चल रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक सुबह से देर रात तक बासलोई एवं शहरी नदी घाटों से सैकड़ों ट्रैक्टर बालू लेकर मालधारा, कैराछत्तर और रोलाग्राम होते हुए महेशपुर की ओर जाते देखे जाते हैं।

लगातार हो रही ओवरलोडिंग से सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर दिन सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है और आम राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
वहीं पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से बासलोई नदी का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है। अनियंत्रित बालू उठाव से जलस्तर गिरने और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
शहरी बासलोई नदी के आदिवासी टोला घाट से भी दिन-रात अवैध बालू ढुलाई की शिकायतें मिल रही हैं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अवैध कारोबार पर कब तक अंकुश लगा पाता है या फिर बालू माफियाओं के आगे सिस्टम यूँ ही बेबस बना रहेगा।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
