चमत्कार को नमस्कार: 27 हफ्ते में जन्में 610 ग्राम के बच्चे को SNCU ने दिया नया जीवन
श्वसन संकट और एप्निया जैसी जानलेवा बीमारियों से ग्रसित था मासूम
साहिबगंज सदर अस्पताल के एसएनसीयू (SNCU) विभाग ने मात्र 610 ग्राम वजन वाले और 27 सप्ताह में जन्मे प्रीमैच्योर नवजात को 51 दिनों के गहन इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ कर एक नया जीवन दिया है।
साहिबगंज: जहां एक तरफ सरकारी अस्पतालों की लापरवाही की खबरें आती हैं, वहीं साहिबगंज सदर अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) ने मेडिकल साइंस का चमत्कार कर दिखाया है। 27 सप्ताह में जन्मे और सिर्फ 610 ग्राम वजन वाले नवजात को 51 दिनों की जंग के बाद जिंदगी जीतकर घर भेजा गया।
पाकुड़ जिले के तिंगुपाहर गांव की मेगा पहाड़िन ने 27 हफ्ते की प्रीमैच्योर नॉर्मल डिलीवरी से बच्चे को जन्म दिया। जन्म के समय वजन मात्र 610 ग्राम था। स्थिति नाजुक देख 08 अप्रैल 2026 को बच्चे को SNCU में भर्ती किया गया। नोडल ऑफिसर डॉ. फरोग हसन ने बताया कि बच्चा ELBW यानी अत्यंत कम वजन श्रेणी में था। उसे श्वसन संकट (RDS), प्रीमैच्योरिटी से जुड़ा एप्निया और फीड असहिष्णुता जैसी जानलेवा दिक्कतें थीं। बचने की उम्मीद बेहद कम थी। SNCU टीम ने न्यूनतम स्पर्श और अधिकतम निगरानी के फॉर्मूले पर काम किया। इलाज, नर्सिंग और पोषण प्रबंधन के लिए टीम 24 घंटे अलर्ट रही।

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