PM आवास 2.0 में बड़ा घोटाला! 70 योग्य लाभुकों का नाम काटने का आरोप, सचिव का दो घंटे घेराव
पंचायत सचिव और सहायक पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप
साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड की बांझी संथाली पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) 2.0 की लाभुक सूची में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम सभा पंजी में छेड़छाड़ कर 70 योग्य लाभुकों का नाम हटाकर अयोग्य लोगों को सूची में शामिल कर दिया गया।
साहिबगंज: प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला बोरियो प्रखंड के बांझी संथाली पंचायत से सामने आया है। आरोप है कि ग्राम सभा की पंजी में हेराफेरी कर 70 योग्य आवेदकों का नाम काट दिया गया और उनकी जगह अयोग्यों को योग्य बना दिया गया। मामले में पंचायत सचिव और पंचायत सहायक पर गंभीर आरोप लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, ऑनलाइन सर्वे के बाद पंचायत में कुल 487 लाभुकों की सूची तैयार हुई थी। लेकिन ग्राम सभा के दौरान इस सूची के साथ छेड़-छाड़ की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव परमानंद मंडल और पंचायत सहायक राजेश रजवार ने मिलकर लगभग 70 योग्य आवेदकों का नाम ग्राम सभा पंजी में "अयोग्य" कर दिया। वहीं, कई अयोग्य आवेदकों को "योग्य" बना दिया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पंचायत सहायक राजेश रजवार ने अपनी पत्नी का नाम भी योग्य लाभुकों की सूची में डाल दिया।


ग्रामीणों ने और भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन सर्वे के दौरान पंचायत सहायक राजेश रजवार ने प्रत्येक आवेदक से 2-2 हजार रुपये वसूले थे। इसके बाद सूची में नाम आने पर ग्राम सभा में "योग्य" बनाने के नाम पर 5-5 हजार रुपये की मांग की गई। जिन लोगों ने पैसे नहीं दिए, उनका नाम अयोग्य कर दिया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्व पर्यावरण दिवस के दिन लोगों को पंचायत भवन बुलाकर ग्राम सभा पंजी पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए। हंगामे के बाद पंचायत सचिव परमानंद मंडल ने मुखिया के समक्ष लिखित में माफी मांगकर मामला शांत कराया। सचिव ने कहा कि भूलवश कुछ योग्य लाभुकों को अयोग्य कर दिया गया है। यह मानवीय भूल हो सकती है। लेकिन मुखिया को मेरा कॉलर नहीं पकड़ना चाहिए था।
इस पूरे प्रकरण के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषी पंचायत सहायक राजेश रजवार को तुरंत पद से हटाया जाए और हटाए गए 70 योग्य लाभुकों का नाम दोबारा सूची में जोड़ा जाए। फिलहाल मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पीएम आवास 2.0 की सूची में हुई यह धांधली किसके इशारे पर की गई।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


