जेटेट परीक्षा में भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषा शामिल होने के बढ़े आसार: कैलाश यादव
कमिटी का रुख सकारात्मक, जल्द स्थायी समाधान की उम्मीद
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झारखंड में जेटेट परीक्षा में भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषा को शामिल करने की मांग को लेकर गठित विशेष कमिटी की पहली बैठक संपन्न हुई। राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कमिटी के सकारात्मक रुख का स्वागत करते हुए कहा कि जल्द ही स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद है।
रांची: झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि राज्य में जेटेट परीक्षा में भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषा को शामिल करने को लेकर आज हाई-प्रोफाइल कमिटी द्वारा हुई बैठक जनहित और राज्यहित में स्वागत योग्य कदम है।
उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार विशेष कमिटी की बैठक में संबंधित पदाधिकारियों को तथ्य और साक्ष्य जुटाकर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका केवल भाषा नहीं, बल्कि भाषाई संस्कृति और अस्मिता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों द्वारा लगातार इन भाषाओं की अनदेखी की जाती रही है।
उन्होंने कहा कि जेटेट परीक्षा में इन भाषाओं को शामिल नहीं करने पर सरकार को सहयोगी दलों के सुझाव के रूप में कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
कैलाश यादव ने कहा कि भाषाई अस्मिता एक संवेदनशील विषय है। सामाजिक और सांस्कृतिक सम्मान को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में पांच मंत्रियों की विशेष कमिटी का गठन किया है, जिसकी पहली बैठक आज हुई।
बैठक में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह, योगेंद्र प्रसाद और सुदिव्य कुमार सोनू शामिल रहे।
राजद की ओर से कमिटी के सकारात्मक रुख का स्वागत करते हुए कैलाश यादव ने उम्मीद जताई कि जल्द ही जनहित और राज्यहित में भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषा को स्थायी मान्यता देने को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
