JPSC विवाद: JPSC-JSSC आंदोलन के बीच CM हेमंत सोरेन को अभ्यर्थी का भावुक पत्र, कहा- ‘हेमंत दादा, आप हमसे संवाद करिए
JPSC अभ्यर्थी संजय मेहता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आंदोलन स्थल पर आने का आग्रह किया।
: JPSC-JSSC आंदोलन के बीच JPSC अभ्यर्थी संजय मेहता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भावुक पत्र लिखकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पर आने और अभ्यर्थियों से संवाद करने का आग्रह किया है। 13 अगस्त 2026 को लिखे पत्र में संजय मेहता ने मुख्यमंत्री को ‘हेमंत दादा’ संबोधित करते हुए कहा कि अभ्यर्थी टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं।
रांची : झारखंड में चल रहे JPSC-JSSC आंदोलन के बीच एक JPSC अभ्यर्थी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भावुक पत्र लिखकर आंदोलन स्थल पर आने और अभ्यर्थियों से सीधे संवाद करने का आग्रह किया है। अभ्यर्थी संजय मेहता ने 13 अगस्त की रात लिखे पत्र में मुख्यमंत्री को ‘हेमंत दादा’ संबोधित करते हुए कहा कि अभ्यर्थी टकराव नहीं, बल्कि संवाद के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं।
‘सीएम हाउस घेराव नहीं, संवाद से समाधान चाहते हैं अभ्यर्थी’
संजय मेहता ने अपने पत्र में कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बैठे अभ्यर्थी झारखंड के ही युवा हैं और अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे आंदोलन स्थल पर आएं, अभ्यर्थियों की समस्याएं स्वयं सुनें और समाधान की दिशा में पहल करें।

‘क्या हम आपके भाई-बहन नहीं हैं?’
पत्र में आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई और आंसू गैस का भी उल्लेख किया गया है। अभ्यर्थी ने मुख्यमंत्री से आत्मचिंतन करने और आंदोलनरत युवाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने की अपील की।
नियोजन और भर्ती व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
संजय मेहता ने अपने पत्र में झारखंड में नियोजन नीति, स्थानीय नीति और सरकारी नौकरियों में अभ्यर्थियों के अवसर को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितता, कदाचार और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल में ऐसा काम करने का अवसर मिला है, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रख सकें। पत्र में भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी और युवाओं के हित में बनाने की मांग भी सामने रखी गई है।
‘जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम आइए, हम आपका स्वागत करेंगे’
संजय मेहता ने मुख्यमंत्री को सीधे आंदोलन स्थल पर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि अभ्यर्थी उनका सम्मानपूर्वक स्वागत करेंगे और अपनी समस्याएं उनके सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यदि अभ्यर्थियों के बीच बैठकर उनकी बात सुनेंगे तो इससे आंदोलनरत युवाओं का मनोबल बढ़ेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर अभ्यर्थियों से संवाद करें और उनकी मांगों पर समाधान की दिशा में घोषणा करें।
‘संवाद की जगह लाठी नहीं, बातचीत से निकले रास्ता’
पत्र में अभ्यर्थी ने कहा कि झारखंड के युवाओं ने लंबे समय से संघर्ष किया है और अब वे समाधान चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि आंदोलन के दौरान टकराव की स्थिति पैदा होने के बजाय बातचीत और संवाद का रास्ता अपनाया जाए।
संजय मेहता ने पत्र के अंत में उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री आंदोलन स्थल पर आएंगे और अभ्यर्थियों से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की इच्छा है कि समस्याओं का समाधान होने के बाद वे मुख्यमंत्री के साथ मोरहाबादी मैदान में तिरंगे को सलामी देकर स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाएं।
पत्र की अंतिम पंक्ति में संजय मेहता ने खुद को ‘JPSC अभ्यर्थी’ बताते हुए मुख्यमंत्री से मिलने की अपील की है।
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