Palamu News: राजहरा में महिला किसानों को मिला ग्रीन एंटरप्राइज विकास का प्रशिक्षण
40 महिला किसानों ने प्रशिक्षण में भाग लेकर नई तकनीकों की जानकारी हासिल की
कोयला खनन प्रभावित क्षेत्रों में हरित आजीविका और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजहरा पंचायत सचिवालय में महिला किसानों के लिए एक दिवसीय ग्रीन एंटरप्राइज प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सोलर लिफ्ट सिंचाई, जैविक खेती, वर्मी कंपोस्ट, मशरूम उत्पादन और प्राकृतिक कृषि मॉडल पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। महिला किसानों को मशरूम उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
पलामू: राजहरा कोयला खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने और हरित उद्यम (ग्रीन एंटरप्राइज) की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से राजहरा पंचायत सचिवालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण राजहरा कोल माइन्स रिहैबिलिटेटेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें महिला किसानों को टिकाऊ कृषि और हरित रोजगार के विभिन्न मॉडल की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अशोका सेंटर फॉर ए पीपल सेंट्रिक एनर्जी ट्रांजिशन (ACPET), नई दिल्ली के निदेशक वैभव चौधरी के संबोधन से हुआ। उन्होंने सोलर लिफ्ट सिंचाई प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था कोयला खनन प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका, जीवन स्तर और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों पर लगातार शोध कर रही है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व गठित किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और सोलर लिफ्ट सिंचाई प्रणाली के प्रभावों का मूल्यांकन किया जा रहा है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे देश के अन्य खनन क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।


कार्यक्रम में डाल्टनगंज से आईं मशरूम विशेषज्ञ सुषमा देवी ने मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं स्थानीय रिसोर्स पर्सन लालमुनी देवी ने महिला किसानों के समक्ष मशरूम उत्पादन का व्यावहारिक प्रदर्शन कर प्रशिक्षण को और अधिक उपयोगी बनाया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजहरा एफपीओ से जुड़ी 40 महिला किसानों ने सक्रिय भागीदारी की। इनमें सरिता देवी, सीमा देवी, श्वेता देवी, गुड़िया देवी, विमला देवी और कंचन कुमारी सहित अन्य सदस्य शामिल रहीं।
कार्यक्रम के सफल संचालन में एफपीओ के सीईओ बीरेंद्र कुमार, निदेशक मनिता कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता जवाहर मेहता और अनिल पासवान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण साबित होंगे।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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