Hazaribagh News: उपायुक्त हेमंत सती ने किया जिला अभिलेखागार का औचक निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश
ब्रिटिश कालीन पुराने अभिलेखों की सुरक्षा पर जोर
हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने जिला एवं निबंधन अभिलेखागार का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व संधारण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने भूमि अभिलेखों के दुरुपयोग को रोकने के लिए वंशावली अनिवार्य करने तथा फर्जी निबंधन पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया।
हजारीबाग: उपायुक्त हेमन्त सती ने शनिवार को जिला अभिलेखागार एवं निबंधन कार्यालय स्थित अभिलेखागार का आज 1 अगस्त को औचक निरीक्षण कर अभिलेखों के संधारण, सुरक्षा व्यवस्था तथा निबंधन प्रक्रिया की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखागार कक्ष में रखे विभिन्न पुराने एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों का अवलोकन किया तथा कई अभिलेखों की स्वयं जांच की। साथ ही अभिलेखागार में प्रतिनियुक्त कर्मियों की संख्या एवं कार्य व्यवस्था की भी जानकारी प्राप्त की।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अति प्राचीन एवं महत्वपूर्ण अभिलेखों का व्यवस्थित एवं सुरक्षित संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभिलेखागार में संरक्षित अनेक दस्तावेज ब्रिटिश काल के हैं तथा हजारीबाग प्रमंडलीय मुख्यालय होने के कारण अन्य जिलों से संबंधित भूमि अभिलेख भी यहां सुरक्षित रखे गए हैं। ऐसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा एवं संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव पर बल देते हुए निर्देश दिया कि सत्यापित प्रतियां जारी करने के दौरान दस्तावेजों की खोज में अनावश्यक विलंब न हो। इसके लिए अभिलेखों का वैज्ञानिक एवं सुगम वर्गीकरण किया जाए तथा प्रत्येक फाइल पर संबंधित अंचल, वर्ष एवं अन्य आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएं।
साथ ही पुराने खतियान एवं दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए संरक्षक रसायनों का नियमित छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अभिलेखागार में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने तथा सीसीटीवी कैमरों की नियमित क्रियाशीलता सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
निबंधन अभिलेखागार का निरीक्षण
इसके उपरांत उपायुक्त ने निबंधन कार्यालय स्थित अभिलेखागार का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार में गलत निबंधन से संबंधित अनेक शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिनमें अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा गलत तरीके से निबंधन कराने के मामले सामने आते हैं। उन्होंने निबंधन प्रक्रिया के दौरान सभी आवश्यक तथ्यों का सावधानीपूर्वक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इजमाल (संयुक्त) संपत्ति का निबंधन सभी हिस्सेदारों की सर्वसम्मति एवं विधिसम्मत सहमति के बाद ही किया जाए। बिना भूमि का समुचित सत्यापन किए किसी भी प्रकार का निबंधन किए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने अवर निबंधक को डीड राइटरों के साथ बैठक आयोजित कर उन्हें नियमों के अनुरूप डीड तैयार करने हेतु निर्देशित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई डीड राइटर जानबूझकर गलत अथवा भ्रामक डीड तैयार करता पाया जाता है तो उसका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निबंधन प्रक्रिया में एकरूपता लाने के लिए एलपीसी (Land Possession Certificate) का एक मानक प्रारूप निर्धारित किया जाएगा तथा उसी के अनुरूप निबंधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि किसी गैर-मजरूआ अथवा प्रतिबंधित भूमि के संबंध में गलत तरीके से एलपीसी निर्गत किया जाता है तो संबंधित अंचलाधिकारी के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उपायुक्त ने गलत निबंधन को निरस्त करने की प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने कहा कि अभिलेखागार में सुरक्षित दस्तावेज सरकार की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण, सुरक्षा एवं अभिलेखों के निर्गमन में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों की जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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