Facebook Controversy: प्रधानमंत्री का वीडियो हटाने पर मेटा से जवाब तलब, मार्क जुकरबर्ग से तीन दिन में बिना शर्त माफी की मांग
आईटी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत कानूनी सुरक्षा वापस लेने पर विचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में संसदीय स्थायी समिति ने मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से तीन दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। समिति ने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर आईटी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत मेटा को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा वापस लेने पर विचार किया जा सकता है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 23 जुलाई का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से तीन दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। समिति ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा के भीतर माफी नहीं मिलने पर भारत में मेटा को प्राप्त कानूनी सुरक्षा और छूट वापस लेने पर विचार किया जा सकता है।
आईटी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत कार्रवाई की चेतावनी
संसदीय समिति ने कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर बिना शर्त माफी नहीं मांगी गई, तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत मेटा को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा समाप्त करने और उसे एक प्रकाशक (Publisher) के रूप में कार्रवाई के दायरे में लाने पर विचार किया जाएगा।
सरकार और मेटा के अधिकारियों के बीच शुरू हुई बैठक

संसदीय समिति की बैठक में उठा वीडियो हटाने का मुद्दा
5-6 घंटे तक फेसबुक से हटा रहा था वीडियो
समिति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह वीडियो, जिसमें उन्होंने परीक्षा विवाद और पेपर लीक के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर छात्रों एवं जेन-जी को संबोधित किया था, फेसबुक से लगभग 5 से 6 घंटे तक उपलब्ध नहीं रहा। समिति ने इस घटना को गंभीर माना है।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पर भी जताई चिंता
बैठक में बाल यौन शोषण सामग्री और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक सामग्री के प्रसार पर भी चिंता व्यक्त की गई। समिति ने कहा कि ऐसी सामग्री समय पर नहीं हटाने वाले इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ भी आईटी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
गूगल इंडिया से जुड़े मामले पर भी हुई चर्चा
बैठक में हैदराबाद साइबर पुलिस द्वारा निवेश धोखाधड़ी के मामले में गूगल इंडिया के प्रमुख को सह-आरोपी बनाए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फर्जी निवेश ऐप्स के जरिए उन्हें 48 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई। समिति ने इस मामले में भी सरकार से आवश्यक कार्रवाई पर विचार करने की बात कही।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
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