'सरिया को जिला बनाओ' आंदोलन तेज, 22 जुलाई से अनशन पर बैठेंगे त्रिभुवन मंडल
आंदोलन की कमान संभालेंगे त्रिभुवन मंडल
गिरिडीह जिले के सरिया को जिला बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। जिला मुख्यालय की लंबी दूरी और प्रशासनिक असुविधाओं से परेशान लोगों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। 22 जुलाई 2026 से सरिया अनुमंडल कार्यालय के मुख्य द्वार पर दो दिवसीय अनशन आयोजित किया जाएगा, जिसका नेतृत्व वरिष्ठ आंदोलनकारी त्रिभुवन मंडल करेंगे।
गिरिडीह: सरिया भौगोलिक दूरी का दर्द जब जनता की जेब और समय पर भारी पड़ने लगे, तो आंदोलन की चिंगारी सुलगना लाजिमी है। गिरिडीह जिले का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र 'सरिया' इन दिनों एक बार फिर अपनी पुरानी और जायज मांग को लेकर उद्वेलित है। मांग सिर्फ इतनी है सरिया को जिला बनाया जाए। यह मांग अब सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सरिया की आम जनता की जुबान पर तैरता हुआ एक दर्द बन चुकी है। सरिया की जनता आज कई मोर्चों पर दुखों से पीड़ित है, जिसमें सबसे बड़ा अभिशाप है—गिरिडीह जिला मुख्यालय की बेहिसाब दूरी। सरिया प्रखंड के पश्चिमी छोर गरमुंडो से जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 92 किलोमीटर है।
सरिया बाजार से दूरी जो इलाका पूरे जिले की व्यावसायिक मंडी है, वहां से भी जिला मुख्यालय 72 किलोमीटर दूर है।इस दूरी का आलम यह है कि अगर गरमुंडो या आसपास के किसी ग्रामीण को कोर्ट-कचहरी या प्रशासनिक काम के लिए गिरिडीह जाना हो, तो उसे एक दिन पहले से तैयारी करनी पड़ती है। सार्वजनिक परिवहन के अभाव में मजबूरीवश 2,500 से 3,000 रुपये खर्च करके निजी गाड़ी बुक करनी पड़ती है। एक अदद दस्तखत या तारीख के लिए गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा इस सफर में स्वाहा हो जाता है।इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में भी कई धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और आंदोलन हो चुके हैं। झारखंड आंदोलनकारियों से लेकर स्थानीय नेताओं तक ने इस आवाज को बुलंद किया, लेकिन सत्ता के गलियारों में बैठी सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। सरकार द्वारा लगातार की जा रही इस उपेक्षा ने अब जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है।जब तक अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष थमेगा नहीं। सरिया की जनता अब और दूरी और प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेलने को तैयार नहीं है। सरकार की इसी खामोशी को तोड़ने और सरिया को उसका हक दिलाने के लिए एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है। आगामी बुधवार, 22 जुलाई 2026 से सरिया अनुमंडल कार्यालय के मुख्य द्वार पर दो दिवसीय अनशन का कार्यक्रम तय किया गया है।


Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


