Giridih News: 10 दिनों के भीतर गादी श्रीरामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चालू करने का निर्देश
खराब उपकरणों के प्रतिस्थापन और मरम्मत के निर्देश
गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने गादी श्रीरामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर तकनीकी बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने खराब पार्ट्स बदलकर 10 दिनों के भीतर जलापूर्ति बहाल करने और री-टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया।
गिरिडीह: जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त, रामनिवास यादव ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 के तहत संचालित गादी श्रीरामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की वर्तमान स्थिति, जल शोधन से संबंधित विभिन्न तकनीकी व्यवस्थाओं, मशीनरी, उपकरणों एवं जलापूर्ति व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से योजना के संचालन, वर्तमान तकनीकी स्थिति तथा योजना के बंद रहने के कारणों की विस्तृत जानकारी ली।

उपायुक्त ने कहा कि पेयजल आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इससे संबंधित योजनाओं का लंबे समय तक बंद रहना गंभीर विषय है। ऐसे में संबंधित पदाधिकारी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करते हुए यह सुनिश्चित करें कि योजना के पुनः संचालन के बाद ग्रामीणों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने प्लांट के संचालन में आने वाली तकनीकी बाधाओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि योजना के बेहतर एवं सतत संचालन के लिए नई कार्यकारी एजेंसी के चयन हेतु री-टेंडर की प्रक्रिया की जानी है। नई कार्यकारी एजेंसी के माध्यम से योजना का लगभग एक वर्ष तक संचालन एवं रख-रखाव सुनिश्चित किया जाना है। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि री-टेंडर से संबंधित प्रक्रिया को निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि योजना के संचालन में भविष्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्लांट के पुनः संचालन के बाद भी इसकी नियमित तकनीकी मॉनिटरिंग एवं रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। जल शोधन की गुणवत्ता, मशीनरी की कार्यक्षमता तथा जलापूर्ति की निरंतरता पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी सामने आने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पेयजल योजनाओं का अधिकतम लाभ आमजनों तक पहुंचे। इसके लिए बंद अथवा बाधित योजनाओं को चिन्हित कर उनके शीघ्र पुनः संचालन तथा योजनाओं के दीर्घकालिक एवं सुचारु संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सुनील कुमार, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी, अभियंता एवं कर्मी उपस्थित थे।
Anjali Sinha covers Jharkhand local news, breaking stories, and trending updates at Samridh Jharkhand. She focuses on ground reports, regional developments, and timely news coverage to keep readers informed with accurate and engaging stories. Passionate about journalism, she brings attention to stories that matter to the community.









