दिल्ली विश्वविद्यालय में PG सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर ABVP का प्रदर्शन
रजिस्ट्रार को सौंपा गया मांग पत्र
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की दिल्ली इकाई ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक वर्षीय स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर कला संकाय के बाहर प्रदर्शन किया। परिषद ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है, जबकि PG सीटें पर्याप्त नहीं हैं।
नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दिल्ली इकाई ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक वर्षीय स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को कला संकाय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. विकास गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर सभी एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
प्रदर्शन में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में उपलब्ध सीटें अपेक्षाकृत कम हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में पात्र विद्यार्थी प्रवेश से वंचित हो रहे हैं।
अभाविप ने मांग की कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पर्याप्त सीट वृद्धि की जाए, ताकि किसी भी योग्य छात्र-छात्रा को केवल सीटों की कमी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न होना पड़े।
अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय देशभर के लाखों विद्यार्थियों की पहली पसंद है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में सीटों की कमी विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सीटों में पर्याप्त वृद्धि करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि अभाविप के प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिष्ठाता (नामांकन) के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया है, जो 10 दिनों के भीतर इस विषय पर निर्णय के लिए अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो अभाविप अपना आंदोलन और व्यापक करेगी।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


