governance poem
साहित्य 

'जादूगर’ कविता में सत्ता और व्यवस्था पर तीखा सवाल

'जादूगर’ कविता में सत्ता और व्यवस्था पर तीखा सवाल कवि राजेश पाठक की कविता “जादूगर” वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत करती है। कविता में प्रशासनिक भ्रष्टाचार, कानून की कमजोर स्थिति, किसानों और आम जनता की परेशानियों तथा व्यवस्था की निष्क्रियता को प्रभावशाली ढंग से उजागर किया गया है।
Read More...

Advertisement