बेरोजगार युवाओं की ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने बीजेपी को छोड़ा पीछे, सोशल मीडिया पर मचा सियासी भूचाल
इंस्टाग्राम पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फॉलोअर्स 19.4 मिलियन तक पहुंचे
“कॉकरोच जनता पार्टी” नामक डिजिटल अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बेरोजगारी और युवाओं की नाराजगी से जुड़े इस व्यंग्यात्मक आंदोलन ने इंस्टाग्राम पर भाजपा को भी फॉलोअर्स के मामले में पीछे छोड़ दिया है। पार्टी खुद को “आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज” बताती है।
निर्मल महाराज की कलम से
बोकारो। सोशल मीडिया पर इन दिनों “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम तेजी से चर्चा में है। बेरोजगार युवाओं के गुस्से और व्यंग्य से जन्मी इस डिजिटल मुहिम ने इंस्टाग्राम पर ऐसा उछाल लिया कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कहलाने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भी फॉलोअर्स के मामले में पीछे छोड़ दिया।

दिलचस्प बात यह भी है कि कांग्रेस का आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट “incindia” फिलहाल 13.3 मिलियन फॉलोअर्स के साथ आगे है, लेकिन जिस तेजी से “कॉकरोच जनता पार्टी” का ग्राफ बढ़ रहा है, उससे कांग्रेस के लिए भी चुनौती खड़ी होती दिख रही है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की “कॉकरोच” संबंधी कथित टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर युवाओं में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। उसी के बाद इस नाम से डिजिटल कैंपेन शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते “पार्टी” का रूप ले लिया। हालांकि बाद में सीजेआई ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री लेकर वकालत में आने वालों के संदर्भ में थी।
सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। कई लोग इसे युवाओं की नाराजगी का प्रतीक मान रहे हैं, तो कई इसे मीम और ट्रोल संस्कृति का नया चेहरा बता रहे हैं।
तेजी से वायरल हो रही “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)” खुद को “Lazy & Unemployed” यानी “आलसी और बेरोजगारों की आवाज” बताती है। पार्टी का दावा है कि यह उन युवाओं के लिए बनाई गई है, जिन्हें व्यवस्था ने नजरअंदाज कर दिया। वेबसाइट पर लिखा गया है — “Five demands. Zero sponsors. One large, stubborn swarm.”
पार्टी अपने आंदोलन को व्यंग्य और विरोध का मिश्रण बताती है। “Our Mission” सेक्शन में कहा गया है कि युवाओं को लगातार “आलसी”, “क्रोनिकली ऑनलाइन” और हाल में “कॉकरोच” कहे जाने के खिलाफ यह डिजिटल आंदोलन खड़ा किया गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने पांच प्रमुख मांगों वाला “मेनिफेस्टो” भी जारी किया है। इसमें रिटायरमेंट के बाद मुख्य न्यायाधीश को राज्यसभा सीट नहीं देने, वोट डिलीट होने पर चुनाव आयोग के अधिकारियों पर कार्रवाई, महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, बड़े कॉरपोरेट समूहों के मीडिया नेटवर्क की जांच और दल-बदल करने वाले सांसद-विधायकों पर 20 साल का प्रतिबंध लगाने जैसी मांगें शामिल हैं।
पार्टी ने सदस्यता के लिए चार “योग्यताएं” तय की हैं। इनमें बेरोजगार होना, “फिजिकली लेजी” होना, रोज 11 घंटे ऑनलाइन रहना और “प्रोफेशनल तरीके से रेंट” यानी व्यवस्था पर तीखी टिप्पणी करने की क्षमता शामिल है। वेबसाइट पर दावा किया गया है कि सदस्यता मुफ्त, आजीवन और पूरी तरह स्वैच्छिक है।
फेसबुक, एक्स और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग खुद को “कॉकरोच पार्टी” का सदस्य बताते हुए पोस्ट साझा कर रहे हैं। कोई खुद को जिला अध्यक्ष बता रहा है तो कोई पदाधिकारी। सोशल मीडिया पर लगातार मीम, गाने और बेरोजगारी आधारित व्यंग्यात्मक सामग्री वायरल हो रही है।
इस डिजिटल अभियान की शुरुआत 15 मई को हुई बताई जा रही है। अमेरिका के बोस्टन में रह रहे अभिजीत दीपके ने कथित “कॉकरोच” टिप्पणी से नाराज होकर इसे डिजिटल व्यंग्य के रूप में शुरू किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बेरोजगार, आलसी और हर वक्त ऑनलाइन रहने वाले युवाओं को एक मंच पर आने का न्योता दिया और इसे “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम दिया।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी अभिजीत राजनीति संचार रणनीतिकार हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पीआर में एमएस की डिग्री ली है। बताया जा रहा है कि उन्होंने महज एक घंटे में यह वेबसाइट तैयार कर दी।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
