जमुआ: एक्साइज इंस्पेक्टर सुबोध कुशवाहा की ‘प्रयास पहल’ संस्था से संवर रहा हजारों बच्चों का भविष्य, बरगद के पेड़ से शुरू हुआ सफर
जमुआ में एक्साइज इंस्पेक्टर सुबोध कुशवाहा द्वारा शुरू की गई ‘प्रयास पहल’ आज ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी मिसाल बन चुकी है। कोरोना काल में बरगद के पेड़ के नीचे शुरू हुई यह पहल अब 10 शिक्षण केंद्रों तक फैल चुकी है। संस्था हजारों बच्चों को निशुल्क शिक्षा, पुस्तकालय सुविधा, खेल, स्वास्थ्य शिविर और पौधारोपण जैसे अभियानों से जोड़ रही है।
गिरिडीह: प्रयास पहल के संस्थापक एवं एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत सुबोध कुशवाहा ने अपने प्रयासों से ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। उनके द्वारा शुरू की गई ‘प्रयास पहल’ आज हजारों ग्रामीण बच्चों के भविष्य को शिक्षा के उजियारे से रोशन कर रही है।
खोरीमहुआ अनुमंडल क्षेत्र के बीघा, कोदम्बरी में प्रयास पहल संस्था का कार्यालय है। वर्ष 2020 में, जब कोरोना महामारी के कारण पूरी दुनिया थम गई थी और स्कूल-कॉलेज बंद थे, तब सुबोध कुशवाहा ने अपने गांव ‘बीघा’ के बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई। उन्होंने मंटू वर्मा के साथ मिलकर एक बरगद के पेड़ के नीचे ‘प्रयास क्लासेस’ की नींव रखी। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के साथ शुरू हुई यह छोटी-सी कोशिश आज एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है।
समाज के सर्वांगीण विकास के लिए बहुआयामी प्रयास

प्रयास पहल की समाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण पहल
प्रयास पुस्तकालय: गाँव-समाज के सभी बच्चों तक ज्ञानवर्धक पुस्तकें पहुँचाने और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कई स्थानों पर प्रयास पुस्तकालय खोले गए हैं, जहाँ हजारों पुस्तकें बच्चों के लिए निशुल्क उपलब्ध हैं।
प्रयास सांस्कृतिक कार्यक्रम: ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जागरूक करने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
प्रयास स्पोर्ट्स: विभिन्न शिक्षण केंद्रों के बच्चों के लिए आयोजित यह मल्टीस्पोर्ट टूर्नामेंट अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन मंच साबित हुआ है। इस टूर्नामेंट में लड़कों के साथ-साथ लड़कियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
प्रयास स्वास्थ्य शिविर: ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व स्वास्थ्य से संबंधित जागरूकता के लिए यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नवजीवन नर्सिंग होम, गिरिडीह के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अनेक लोगों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श व दवा उपलब्ध कराई।
प्रयास पौधारोपण अभियान: पेड़ प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। पेड़ों के कारण ही हमारा जीवन संभव है। पेड़-पौधे हमें अनगिनत तरीकों से लाभ पहुँचाते हैं। पर्यावरण संरक्षण हमारी सामाजिक व नैतिक जिम्मेदारी है। प्रयास पहल संस्था द्वारा अब तक हजारों नए पौधे लगाए जा चुके हैं।
‘स्माइल फॉर ऑल’, जयपुर के सहयोग से 22 विभिन्न गांवों के 53 ऐसे बच्चों, जिनके अभिभावक नहीं हैं या जिनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है, उनका नामांकन नजदीकी निजी विद्यालयों में कराया गया है। उन सभी बच्चों का मासिक शुल्क संस्था द्वारा वहन किया जाता है।
‘वन टीचर वन साइंटिस्ट’ संस्था के ‘स्लेट पाठ्यक्रम’ के माध्यम से बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है, जो शिक्षण की एक नवीन पद्धति है। वैशाली गुप्ता द्वारा विकसित यह पद्धति बच्चों के सीखने और उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
अनेकों युवा व युवतियाँ इस अभियान का हिस्सा बने
इस सकारात्मक पहल को देखते हुए विकास कृष्ण मंडल, पंकज कुमार, मोहुआ चटर्जी, सुमन वर्मा, तेजलाल वर्मा, आदित्य वर्मा, देवनंदन वर्मा, आदर्श कुमार, राजू राय, महावीर बर्मा, राजू विश्वकर्मा, आरती कुमारी, कुंदन कुमार, रौशन कुमार, सिंकी कुमारी, पवन वर्मा, करण मोहली, संतोष कुशवाहा, सुनील कुमार, ज्योति कुमारी, प्रवेश वर्मा, मनीषा कुमारी सहित अनेक युवा व युवतियाँ इस अभियान का हिस्सा बने, जिसके सहयोग से प्रयास पहल ने आसपास के 10 विभिन्न गांवों में अपने शिक्षण केंद्र स्थापित किए और हजारों बच्चों को निरंतर निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाने लगी।
समाज के प्रति जिम्मेदारी भी जरूरी है: सुबोध कुशवाहा
प्रयास पहल के संस्थापक एवं एक्साइज इंस्पेक्टर सुबोध कुशवाहा ने कहा कि जिस तरह बड़े होकर हम अपने माता-पिता और परिवार की सेवा के प्रति उत्तरदायी होते हैं, उसी तरह हमें समाज के प्रति भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और बेहतर समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में आने के बाद प्रयास पहल से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संस्था के अध्यक्ष पंकज कुमार, सचिव विकास कृष्ण मंडल सहित अन्य सदस्यों के कंधों पर है। ये सभी लोग बहुत ही मेहनत, लगन और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस सामाजिक परिवर्तन के महायज्ञ में उनका सहयोग हमेशा बना रहेगा और भविष्य में भी प्रयास पहल व जरूरतमंद लोगों के लिए वे उपलब्ध रहेंगे।
सबसे पहले 20 मई 2020 को बीघा शिक्षण केंद्र खुला। इसके बाद छपरा शिक्षण केंद्र, गुंडरी शिक्षण केंद्र, कोदम्बरी शिक्षण केंद्र, जमखोखरो शिक्षण केंद्र, लबनिया शिक्षण केंद्र, भूचरोबाद शिक्षण केंद्र, करिहारी शिक्षण केंद्र, रांची शिक्षण केंद्र, चिकनाडीह शिक्षण केंद्र, गिरिडीह शिक्षण केंद्र, भुलवाही शिक्षण केंद्र, एकड़रिवा शिक्षण केंद्र, गादीकला शिक्षण केंद्र आदि शामिल हैं। प्रयास पहल संस्था द्वारा सुदूरवर्ती बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है। पूरे वर्ष संस्था द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
