13 साल बाद फिर आबाद होगी राइटर्स बिल्डिंग, लौटेगा बंगाल सरकार का ऐतिहासिक केंद्र

13 साल बाद फिर आबाद होगी राइटर्स बिल्डिंग, लौटेगा बंगाल सरकार का ऐतिहासिक केंद्र
पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग (फाइल)

कोलकाता की ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग एक बार फिर पश्चिम बंगाल की सत्ता का प्रमुख केंद्र बनने जा रही है। 2013 में राज्य सचिवालय को नवान्न शिफ्ट किए जाने के बाद यहां प्रशासनिक गतिविधियां लगभग बंद हो गई थीं। अब नई भाजपा सरकार ने सरकार का कामकाज फिर से राइटर्स बिल्डिंग से संचालित करने का फैसला लिया है। 18वीं शताब्दी में बनी यह इमारत अंग्रेजों के प्रशासनिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध रही है। आजादी के बाद यह पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय का मुख्य केंद्र बन गई थी।

Writers Building Kolkata: मध्य कोलकाता के डलहौजी इलाके में स्थित ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग को भला कौन नहीं जानता। वर्ष 1947 से 2013 तक यह पश्चिम बंगाल के शासन तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र रहा। लेकिन वर्ष 2011 में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के दो साल बाद यहां की प्रशासनिक गतिविधियां धीरे-धीरे समाप्त हो गईं और राज्य सचिवालय को नवान्न स्थानांतरित कर दिया गया। अब एक बार फिर राइटर्स बिल्डिंग के पुराने दिन लौटने वाले हैं, क्योंकि नई भाजपा सरकार ने फैसला किया है कि सरकार का कामकाज फिर से यहीं से संचालित होगा।

राइटर्स बिल्डिंग का निर्माण 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुआ था। वर्ष 1777 में अंग्रेज वास्तुकार थॉमस लायन ने इसकी डिजाइन तैयार की थी। इसका दक्षिणी हिस्सा लालदिघी के उत्तरी छोर के समानांतर बनाया गया था। लालदिघी और राइटर्स बिल्डिंग के बीच एक सड़क गुजरती है, जो आगे लालबाजार की ओर जाती है।

शुरुआत में इस भवन का उपयोग अंग्रेजों ने ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासनिक कार्यालय के रूप में किया। समय के साथ जैसे-जैसे प्रशासनिक जरूरतें बढ़ती गईं, भवन में कई बदलाव और विस्तार किए गए। बाद में जब कोलकाता देश की राजधानी बना, तब राइटर्स बिल्डिंग की अहमियत और बढ़ गई। राजधानी दिल्ली स्थानांतरित होने के बाद भी कोलकाता अंग्रेजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बना रहा और राइटर्स बिल्डिंग प्रशासन का प्रमुख केंद्र बनी रही।

आजादी के बाद यह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और राज्य सचिवालय का मुख्य कार्यालय बन गया। यहां मुख्यमंत्री का दफ्तर होने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के कार्यालय भी संचालित होते थे।

Read More.. Tufanganj Result 2026 Live: पश्चिम बंगाल के तूफानगंज सीट का चुनाव परिणाम, जानें किसके सिर सजेगा ताज

बताया जाता है कि 18वीं शताब्दी के अंतिम दौर में अंग्रेजों का प्रशासनिक कामकाज काफी बढ़ गया था। लिखने-पढ़ने, रिकॉर्ड रखने, बैठकों और प्रशासनिक निर्णयों के लिए बड़े कार्यालयों की आवश्यकता महसूस हुई। चूंकि यहां बड़ी संख्या में “राइटर्स” यानी लेखा-जोखा और दस्तावेज तैयार करने वाले कर्मचारी बैठते थे, इसलिए इस भवन का नाम “राइटर्स बिल्डिंग” पड़ गया।

Read More.. Bengal Siliguri Corridor: ‘चिकन नेक’ बना नेपाल के गले की फांस? चुनाव नतीजों पर टिकी बालेन शाह की नजर!

राइटर्स बिल्डिंग का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 5.5 लाख वर्गफुट बताया जाता है। नवान्न में सचिवालय स्थानांतरित होने से पहले यहां मुख्यमंत्री कार्यालय के अलावा राज्य सरकार के 34 विभाग संचालित होते थे। इन विभागों में काम करने वाले करीब 6 हजार से अधिक कर्मचारी यहीं बैठकर सरकारी कामकाज और फाइलों का निपटारा करते थे।

Read More..  Bihar Cabinet Expansion 2026: BJP-JDU समेत 32 नेताओं को मंत्री पद, पूरी लिस्ट देखें

Edited By: Samridh Desk
Samridh Desk Picture

समृद्ध डेस्क (Samridh Desk), समृद्ध झारखंड का आधिकारिक संपादकीय विभाग है, जो निष्पक्ष, पारदर्शी और सामाजिक जागरूक पत्रकारिता के लिए समर्पित है। हम अनुभवी संपादकों, रिपोर्टरों, डिजिटल संवाददाताओं और कंटेंट राइटर्स की टीम हैं, जो सत्य और जिम्मेदारी की भावना से समाज के मुद्दों को सामने लाने का कार्य करती है।

हम हर खबर को तथ्यों, निष्पक्षता और जनहित के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को केवल सूचना नहीं, बल्कि सच्चाई का पूरा चित्र मिले।

Latest News

Koderma News: मंजुला शर्मा मेमोरियल अकादमी में मातृ दिवस व टैगोर जयंती मनाई गई Koderma News: मंजुला शर्मा मेमोरियल अकादमी में मातृ दिवस व टैगोर जयंती मनाई गई
फेक पीआर कल्चर पर अमीषा पटेल का फूटा गुस्सा, बोलीं- सिर्फ प्रचार से कोई सुपरस्टार नहीं बनता
Giridih News: लंगटा बाबा इंटर कॉलेज मिर्जागंज के विद्यार्थियों ने जैक परीक्षा में लहराया परचम
यूपी कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज, योगी सरकार में शामिल हो सकते हैं ये 6 चेहरे
तीरंदाजी विश्व कप में साहिल जाधव का कमाल, कांस्य जीतकर भारत को दिलाया पहला पदक
आईपीएल 2026 में ऑरेंज-पर्पल कैप की जंग तेज, सूर्यवंशी और रबाडा पर रहेंगी नजरें
वर्ल्ड कप 2026 पर बोले मेसी, अर्जेंटीना दावेदार लेकिन फ्रांस और स्पेन ज्यादा मजबूत
13 साल बाद फिर आबाद होगी राइटर्स बिल्डिंग, लौटेगा बंगाल सरकार का ऐतिहासिक केंद्र
राजस्थान के मिश्रोली में मिला करोड़ों साल पुराना भू-विरासत का खजाना
'मेरा काम मनोरंजन करना है'... राजनीति में एंट्री की खबरों पर दिलजीत दोसांझ का बड़ा बयान
इकलौते बेटे की हत्या के बाद पिता करता रहा लापता होने का ड्रामा, वजह जानकर सन्न रह जाएंगे
विष्णुगढ़ के प्रवासी मजदूर की कर्नाटक में मौत, परिवार में मातम