दूसरे चरण के बाद 77 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग, स्क्रूटिनी की जिम्मेदारी विशेष पर्यवेक्षक को सौंपी गई
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के बाद दक्षिण 24 परगना जिले के 77 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग उठी है। चुनाव आयोग ने मामले की स्क्रूटिनी के लिए विशेष पर्यवेक्षक को जिम्मेदारी सौंपी है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान समाप्त होते ही कई बूथों पर पुनर्मतदान की मांग उठी है। चार विधानसभा क्षेत्रों के कुल 77 बूथों पर पुनर्मतदान के लिए चुनाव आयोग से आवेदन किया गया है। हालांकि, अंतिम निर्णय स्क्रूटिनी के बाद लिया जाएगा।
इस स्क्रूटिनी की जिम्मेदारी विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को सौंपी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उन्हें फोन कर यह निर्देश दिया। बताया गया है कि जिन चार विधानसभा क्षेत्रों से पुनर्मतदान की मांग उठी है, वे सभी दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित हैं। इनमें से तीन क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आते हैं, जिसका प्रतिनिधित्व तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी करते हैं।
विशेष सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि चुनाव आयोग ने संबंधित उम्मीदवारों के आवेदनों के आधार पर स्क्रूटिनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुब्रत गुप्ता को फलता, मगराहट और सोनारपुर क्षेत्रों में स्क्रूटिनी के दौरान मौजूद रहने को कहा गया है। निर्देश मिलने के बाद वह डायमंड हार्बर पहुंच गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, जिन 77 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग की गई है, उनमें फलता विधानसभा के 32 बूथ, डायमंड हार्बर के 29 बूथ, बजबज के 3 बूथ और मगराहट पूर्व विधानसभा के 13 बूथ शामिल हैं। इनमें फलता, डायमंड हार्बर और बजबज क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आते हैं, जबकि मगराहट पूर्व जयनगर लोकसभा क्षेत्र में आता है।
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