झारखंड में तबादला प्रक्रिया बनी संगठित कारोबार, दलालों के जरिए वसूली का खेल: मरांडी
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि झारखंड में अधिकारियों की तबादला प्रक्रिया अब संगठित कारोबार का रूप ले चुकी है और इसमें दलालों की भूमिका बढ़ गई है।
रांची: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि झारखंड में अधिकारियों के तबादले अब सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक संगठित कारोबार का रूप ले चुके हैं।
मरांडी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा कि जब जिलों में नियुक्त नए एसपी और उपायुक्त मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट करते हैं, तो वह महज औपचारिकता और सम्मान नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे हुए ‘लेन-देन’ का काम पूरा हो जाने का इशारा करता है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब दलालों के जरिए वसूली का खेल खुलकर सामने आ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि हाल ही में यह चर्चा रही कि एक दलाल की पिटाई सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि रकम ‘सही’ यानी अधिकृत दलाल तक नहीं पहुंची थी। कहा जा सकता है कि राज्य का प्रशासन अब अधिकारियों नहीं, दलालों की फौज के नियंत्रण में है।
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