फेक पीआर कल्चर पर अमीषा पटेल का फूटा गुस्सा, बोलीं- सिर्फ प्रचार से कोई सुपरस्टार नहीं बनता
अभिनेत्री अमीषा पटेल ने सोशल मीडिया पर बॉलीवुड के फेक पीआर कल्चर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आज कई अभिनेत्रियां बिना बड़ी सफलता के खुद को सुपरस्टार कहलवाने के लिए पीआर पर पैसा खर्च कर रही हैं। अमीषा ने कहा कि सिर्फ औसत फिल्में करने से कोई नंबर वन स्टार नहीं बन जाता। उन्होंने 100 करोड़ क्लब को भी अब सामान्य बताया और यूट्यूबर्स व सोशल मीडिया क्रिटिक्स पर भी निशाना साधा। अपने पोस्ट में उन्होंने 'कहो ना प्यार है', 'गदर' और 'गदर 2' जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए अपनी उपलब्धियों पर भी बात की।
Ameesha Patel Viral Post: अमीषा पटेल एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर बॉलीवुड में बढ़ते 'फर्जी पीआर' कल्चर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खासतौर पर युवा अभिनेत्रियों को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि आज सफलता प्रतिभा से नहीं, बल्कि पैसों और पीआर गेम्स के जरिए हासिल की जा रही है।
अमीषा ने लिखा कि कई अभिनेत्रियां बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल किए बिना ही खुद को सुपरस्टार और नंबर वन कहलवाने के लिए पीआर टीम पर पैसा खर्च कर रही हैं। उन्होंने कहा, "खुद को सुपरस्टार तभी कहें, जब आपने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा हो। सिर्फ औसत फिल्में करने या सेट पर मौजूद रहने से कोई स्टार नहीं बन जाता।" अभिनेत्री ने यह भी कहा कि आज के समय में 100 करोड़ रुपये का कलेक्शन कोई बड़ी उपलब्धि नहीं रह गया है और लोगों को खुद को नंबर एक कहलवाने के लिए पीआर पर पैसा खर्च करना बंद करना चाहिए।
अपने पोस्ट में अमीषा ने यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया क्रिटिक्स पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि कुछ नकारात्मक यूट्यूबर्स सितारों की आलोचना कर अपना घर चलाते हैं, इसलिए उनसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। साथ ही अभिनेत्री ने कहा कि एक कलाकार तभी ग्लोबल सुपरस्टार बनता है, जब वह दुनियाभर में बड़ी हिट फिल्में देता है। उन्होंने अपनी फिल्मों 'कहो ना... प्यार है', 'गदर: एक प्रेम कथा' और 'गदर 2' का जिक्र करते हुए कहा कि ये उनकी सोलो ब्लॉकबस्टर फिल्में हैं, लेकिन उनकी पीआर मशीनरी हमेशा कमजोर रही है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
