Sahebganj News: शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र की मांग पर छठे दिन भी धरना जारी, बीडीओ-सीओ से वार्ता विफल
प्रशासन: कार्मिक विभाग के निर्देश बिना प्रमाण पत्र संभव नहीं
बरहरवा में शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर चल रहे महाधरना के छठे दिन प्रशासन के साथ वार्ता विफल रही। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी विशिष्ट पहचान के आधार पर स्थानीय जांच कर प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए, जबकि प्रशासन नियमों का हवाला दे रहा है।
साहिबगंज: शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर बरहरवा प्रखंड सह अंचल मुख्यालय परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन महाधरना शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा। लगातार बढ़ते जनदबाव के बीच बीडीओ सन्नी कुमार दास और सीओ अनोज कुमार धरनास्थल पहुंचे, लेकिन प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता विफल रही।
वार्ता के दौरान अंचलाधिकारी अनोज कुमार ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही निर्गत किया जाता है। आवेदकों के खतियान में ‘शेख’ जाति अंकित होती है, इसलिए वर्तमान प्रावधानों के तहत शेख जाति का ही प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कार्मिक विभाग के निर्देशों में संशोधन नहीं होता, तब तक शेरशाहबादी जाति का अलग प्रमाण पत्र निर्गत करना संभव नहीं है। इसके लिए समुदाय को कार्मिक विभाग स्तर पर पहल करनी होगी।

वक्ताओं ने कहा कि उपायुक्त से भी आग्रह किया कि यदि अंचल स्तर पर निर्णय संभव नहीं है तो जिला प्रशासन एक जांच समिति गठित कर गांव-गांव जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करवाए। इससे समुदाय की अलग पहचान और जमीनी सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। मो. इश्तियाक ने कहा कि शेख और शेरशाहबादी दो अलग सामाजिक पहचान वाले समुदाय हैं। दोनों को एक ही प्रमाण पत्र देना उनके अस्तित्व और पहचान के साथ अन्याय है, जिसे समाज किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। अभी हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से मांग रख रहे हैं। फिर भी हक न मिला तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मौके पर अंचल निरीक्षक उमेश मंडल, अजमाईल शेख, वसीम अकरम, फहीम अख्तर, सरफराज आलम, मो. आरिफ, मो. जावेद, जहीर शेख, आफताब आलम, शोएब आलम, ऐनुल बारी, रबीउल इस्लाम सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
