Sahibganj News: उधवा के सरकारी स्कूल में कागजों पर पढ़ाई, हकीकत में घोटाला
300 नामांकन, पर क्लास में मिले 10 बच्चे
साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड स्थित सुरेन मंडल टोला उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सरकारी रिकॉर्ड में 300 छात्रों का नामांकन दर्ज है, जबकि निरीक्षण के दौरान स्कूल में केवल 8 से 10 बच्चे ही मिले।
संजना कुमारी
साहिबगंज: झारखंड सरकार सरकारी स्कूलों को चमकाने के लिए करोड़ों खर्च कर रही है। लेकिन उधवा प्रखंड का सुरेन मंडल टोला उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय इसका सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है कि कैसे लापरवाही और भ्रष्टाचार मिलकर नौनिहालों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
कागज पर 300, धरातल पर 10

प्रधानाध्यापिका शादी में, बिना छुट्टी के गायब

1. पठन सामग्री गायब: बच्चों को ड्रेस-जूता तो मिला, लेकिन पेंसिल, रबर वाला किट आज तक नहीं मिला। बच्चों ने खुद कहा कि हमें कोई किट नहीं मिला।
2. एमडीएम का अजीब तर्क: शिक्षकों ने कहा कि स्कूल में चावल नहीं है, डीलर से मैनेज कर रहे हैं। सवाल ये कि बिना आवंटन के डीलर चावल कैसे दे रहा है? क्या कोटे के चावल की कालाबाजारी हो रही है?
3. फर्जी हाजिरी का शक: नियम है 60% हाजिरी पर ही एमडीएम और योजनाओं का पैसा मिलता है। कागज पर 60 प्रतिशत दिखाया जाता है, लेकिन स्कूल में 10 बच्चे। यानी बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी बनाकर सरकारी बजट की बंदरबांट का आरोप।
"हमारे बच्चे प्राइवेट में, गरीबों के बच्चे यहां"
ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप है कि स्कूल के शिक्षक खुद अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं। और गरीबों के बच्चों के हक का राशन, किट और पढ़ाई सब कागजों तक सीमित है।
सीआरपी भी पहले झूठे, फिर माने सच
मामला सामने आने पर सीआरपी राहुल अमीन पहुंचे। पहले उन्होंने कहा सब सामग्री मिल चुकी है। लेकिन जब बच्चों से सामने पूछा गया तो बच्चों ने मना कर दिया। इसके बाद सीआरपी को भी मानना पड़ा कि हो सकता है सामग्री न मिली हो।
ग्रामीणों की मांग: हो निष्पक्ष जांच
स्थानीय लोगों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से औचक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच होगी तो इस स्कूल की पूरी पोल खुल जाएगी। सरकार योजनाएं बना रही है, बजट भेज रही है। लेकिन उधवा के इस स्कूल की तस्वीर पूछती है - आखिर पैसा जा कहां रहा है और पढ़ कौन रहा है? अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन कार्रवाई करेगा और कार्रवाई करेगा भी तो कब? अब सबकी नजरें जिला शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर है।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
Related Posts

Latest News

