साहिबगंज शहरी जल योजना: HC के आदेश के बाद भी "लीपापोती" का आरोप, समाजसेवी ने राज्यपाल-मुख्य सचिव से की शिकायत
हाईकोर्ट के आदेश के पालन पर उठे सवाल
साहिबगंज शहरी जलापूर्ति योजना को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। जनहित याचिकाकर्ता एवं समाजसेवी सिंधेश्वर मंडल ने आरोप लगाया है कि झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद योजना का निरीक्षण औपचारिकता तक सीमित रहा।
साहिबगंज: झारखंड हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद साहिबगंज शहरी जलापूर्ति योजना के निरीक्षण में खानापूर्ति की गई है। यह आरोप शहर के समाजसेवी और जनहित याचिकाकर्ता सिंधेश्वर मंडल ने लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए राज्यपाल और मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
उल्लेखनीय है कि वाद संख्या 667/2018, सिंधेश्वर मंडल बनाम झारखंड राज्य मामले में हाईकोर्ट ने 25 जून 2026 को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव को साहिबगंज शहरी जलापूर्ति योजना का स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। निरीक्षण के लिए 13 जुलाई 2026 की तारीख तय की गई। लेकिन याचिकाकर्ता का आरोप है कि सचिव साहिबगंज पहुंचकर पहले तालझारी के बुसरी पहाड़ और राजमहल के बेंगडूब्बी में जल जीवन मिशन योजना देखने चले गए।


सिंधेश्वर मंडल का कहना है कि समय न बताना, पहले दूसरी योजना देखना और सिर्फ 4 जगह घूमकर लौट जाना सीधे-सीधे हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद-21 यानी "जीवन के अधिकार" से भी जोड़ा, क्योंकि स्वच्छ पानी हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। अब उन्होंने राज्यपाल और मुख्य सचिव से मांग की है कि पूरे मामले की बिंदुवार जांच हो और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


