भीषण गर्मी में त्राहिमाम, घोघी समेत 15 टोले में जल संकट; पेयजल के लिए भटक रहे हजारों ग्रामीण
मवेशियों पर भी संकट, टैंकर से पानी मंगाने को मजबूर किसान
साहिबगंज के घोघी ग्राम पंचायत में भीषण गर्मी के कारण पेयजल संकट गहरा गया है। सूख चुके तालाब, बंद पड़े हैंडपंप और गिरते भू-जल स्तर ने करीब 8 से 10 हजार ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है।
संजय कुमार धीरज
साहिबगंज: भीषण गर्मी और लू के प्रकोप ने सदर प्रखंड के घोघी ग्राम पंचायत को पानी-पानी कर दिया है। तापमान 38-39 डिग्री पार करते ही धरती की छाती फटने लगी है। नदी-नाले, कुएं-तालाब सब सूख चुके हैं। सरकारी हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। नतीजा, घोघी पंचायत के करीब एक दर्जन टोले और आस-पास के दर्जनों गांवों के 8-10 हजार ग्रामीण पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
सूखे स्रोत, गहराता संकट

महिलाएं-बच्चे सबसे ज्यादा बेहाल

मवेशी-पशु भी प्यासे
पेयजल संकट का असर जानवरों पर भी दिख रहा है। चरवाहे रामदास मुर्मू कहते हैं कि गाय-भैंस को पानी पिलाने के लिए दूर नहर तक जाना पड़ रहा है। ट्रैक्टर से टैंकर मंगाते हैं तो 800-1000 रुपये रोज का खर्च। गरीब किसान कैसे झेलेगा? जंगल में वन्य जीव भी पानी की तलाश में गांव की ओर रुख कर रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग: स्थायी समाधान चाहिए
गुस्साए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि प्रभावित सभी टोलों में टैंकर से दैनिक जलापूर्ति तुरंत शुरू हो। खराब हैंडपंपों की जल्द मरम्मत और 50 फीट अतिरिक्त बोरिंग कर नए चापाकल लगाए जाएं। मनरेगा से पुराने तालाबों की गहराई बढ़ाई जाए और चेकडैम बनाए जाएं। हर टोले तक पाइपलाइन विस्तार का काम तुरंत पूरा किया जाए। ग्राम प्रधान ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो सभी गांव वाले प्रखंड मुख्यालय का घेराव करेंगे।
आखिर स्थायी समाधान कब?
स्थानीय जल संरक्षण कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहाड़ी इलाके में बोरिंग का समाधान अस्थायी है। वर्षा जल संचयन, पुराने डोभा का जीर्णोद्धार और रूफ टॉप हार्वेस्टिंग पर काम करना होगा। वरना हर साल गर्मी आते ही हर मोहल्ला प्यासा रहेगा। ग्रामीणों का आखिरी सवाल यही है- गर्मी 3 महीने की है, लेकिन प्यास तो 12 महीने लगती है। इसका स्थायी समाधान कब होगा?
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.


