Bokaro News: प्लॉट, भूमि के लीज नवीनीकरण हेतु सेल की व्यापक नीति जारी
1 अप्रैल 2008 के बाद वाले मामलों का होगा पुनर्निर्धारण
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने बोकारो इस्पात संयंत्र की संपत्तियों के लिए एक नई पारदर्शी लीज नवीनीकरण नीति लागू की है। इसके तहत वाणिज्यिक, सरकारी और सामाजिक संस्थाओं के लिए रिन्यूअल फीस को तर्कसंगत बनाते हुए डिफॉल्टरों को राहत के साथ-साथ समय पर भुगतान न करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
बोकारो: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा अपनी भूमि संपत्तियों के इष्टतम उपयोग और कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भूखंडों एवं भूमि के पट्टा (लीज) नवीनीकरण के लिए एक व्यापक नीति की घोषणा की गई है। 15 मई से प्रभावी यह नीति पट्टा नवीनीकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुस्पष्ट और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह मानक व्यवस्था विशेष रूप से केवल उन मौजूदा पट्टों के नवीनीकरण मामलों पर लागू होगी जिनकी अवधि समाप्त हो चुकी है या जो नवीनीकरण के लिए देय हैं, इसे किसी भी नए आवंटन पर लागू नहीं किया जाएगा। इस नीति के अंतर्गत भूमि के पट्टों को तीन विशिष्ट श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। श्रेणी-I में वाणिज्यिक संगठनों जैसे केंद्रीय लोक उपक्रम, राज्य सार्वजनिक उपक्रम, बैंक, एटीएम, बीमा कंपनियां, निजी प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप और वाणिज्यिक परिसरों को शामिल किया गया है। श्रेणी-II के तहत केंद्रीय और राज्य सरकार के विभागों, नगर निगमों, पेशेवर निकायों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और शैक्षणिक संस्थानों को रखा गया है।


इसके अतिरिक्त, 1 अप्रैल 2008 को या उसके बाद नवीनीकृत हो चुके मामलों के लिए नए गाइडलाइन के अनुसार ग्राउंड रेंट और सेवा शुल्क का पुनर्निर्धारण किया जाएगा तथा किसी भी अतिरिक्त भुगतान को भविष्य के बकाये में समायोजित किया जाएगा। वैसे मामले जहाँ नवीनीकरण नहीं कराये जाने के कारण लीज़ पहले ही ख़त्म हो चुका है, उन्हें एक मौका देते हुए यह प्रावधान रखा गया है कि यदि नई नीति जारी होने के एक वर्ष के भीतर वे नवीनीकरण करा लेते हैं, तो उन्हें दंडात्मक ब्याज से छूट देते हुए केवल भारतीय स्टेट बैंक की नकद साख दर पर साधारण ब्याज देय होगा।
निर्धारित अवधि के बाद नवीनीकरण कराने पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से साधारण दंडात्मक ब्याज देय होगा। इसके अलावा लगातार डिफॉल्ट करने पर पट्टाधारक को अनधिकृत कब्जाधारी मानकर बेदखली एवं अन्य विधि सम्मत कार्रवाई भी की जा सकती है।यह नीति बोकारो इस्पात संयंत्र की भूमि संपत्तियों के संरक्षण, कानूनी अनुपालन और शहरी बुनियादी ढांचे के सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम है।
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