इंस्टाग्राम रील का क्रेज भारी, चौक-चौराहों पर लग रहा जाम
पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने की दी सलाह
साहिबगंज में सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब सार्वजनिक स्थानों पर परेशानी का कारण बन रही है। इंस्टाग्राम रील, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वीडियो बनाने के लिए युवा गांधी चौक, स्टेशन चौक, बस स्टैंड और रेलवे प्लेटफॉर्म जैसे व्यस्त स्थानों पर वीडियो शूट कर रहे हैं।
साहिबगंज। सोशल मीडिया पर वायरल होने और ज्यादा लाइक-कमेंट पाने की दौड़ अब सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर सिरदर्द बन गई है। इंस्टाग्राम रील, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वीडियो के चक्कर में युवा और युवतियां बीच सड़क, चौक-चौराहे, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को ही अपना डांस फ्लोर बना रहे हैं। नतीजा - आम जनता परेशान और यातायात व्यवस्था चरमराई हुई।
शहर के गांधी चौक, स्टेशन चौक, बस स्टैंड और रेलवे प्लेटफॉर्म पर अब रोजाना रिंग लाइट, ट्राइपॉड और डीजे वाले गानों के साथ वीडियो शूट होते दिखते हैं। फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में लड़के-लड़कियां ट्रैफिक, यात्रियों और राहगीरों की परवाह किए बिना बीच सड़क पर डांस करने लगते हैं। स्थानीय दुकानदार राजेश ने बताया कि प्रत्येक दिन यहां 10-15 लड़के-लड़कियां आकर सड़क जाम कर देते हैं। गाड़ी वाले हॉर्न बजाते रह जाते हैं, ये लोग वीडियो बनाने में मस्त रहते हैं।


स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़क और स्टेशन परिसर में बिना अनुमति वीडियो शूटिंग पर रोक लगे। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए। ट्रैफिक बाधित करने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। स्कूल-कॉलेजों में सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए सार्वजनिक संपत्ति और लोगों की सुविधा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि हम युवाओं की क्रिएटिविटी का सम्मान करते हैं, लेकिन कानून और दूसरों के अधिकार से ऊपर कुछ नहीं। जल्द ही ऐसे स्थानों को चिन्हित कर निगरानी बढ़ाई जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया की लोकप्रियता बुरी नहीं, लेकिन उसकी कीमत अगर आम आदमी की परेशानी और जान से चुकानी पड़े तो यह ट्रेंड समाज के लिए घातक साबित हो सकता है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


