रांची में आदिवासी एकता महाजुटान रैली आज, सुबह 8 से रात 12 बजे तक भारी वाहनों की एंट्री बंद
रांची के मोरहाबादी मैदान में 30 अगस्त को आदिवासी एकता महाजुटान रैली आयोजित होगी। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक लगाई है। दोपहर 3 बजे से कई प्रमुख मार्गों पर सभी वाहनों का परिचालन भी बंद रहेगा।
रांची। रांची के मोरहाबादी मैदान में 30 अगस्त को आदिवासी एकता महाजुटान रैली आयाेजित की जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए रांची ट्रैफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, 30 अगस्त की सुबह 08 बजे से रात 12 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों का रांची शहर में प्रवेश वर्जित रहेगा। इस दौरान भारी वाहन रिंग रोड के रास्ते अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। वहीं, नो-एंट्री का सामान्य समय पूर्ववत लागू रहेगा। 30 अगस्त को दोपहर 03 बजे से कार्यक्रम की समाप्ति तक जेल चौक से करमटोली चौक, करमटोली से टीआरआई मैदान, करमटोली चौक से एसएसपी आवास मोड़, एसएसपी आवास से बापू वाटिका मोरहाबादी, राम मंदिर से अतिविशाल मोरहााबादी और एटीआई मोड़ से सिदो-कान्हू मोड़ तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रहेगा।-हजारीबाग और रामगढ़ से आ रही वाहन की पार्किंग डीआईजी मैदान (चरियातु) और टीआरआई मैदान में होगी।
-खूंटी से आ रही वाहन की पार्किंग जीईएल चर्च मैदान में होगी।
-सिमडेगा, कामडारा और तोरपा से आ रही वाहन की पार्किंग हरमू मैदान में होगी।
-सरायकेला, जमशेदपुर और चाईबासा से आ रही वाहन की पार्किंग लोयला मैदान, पुरुलिया रोड में होगा।
-गढ़वा, पलामू और डालटनगंज क्षेत्र से आने वाले वाहन की पार्किंग ओटीसी मैदान में होगी।
-खूंटी, जमशेदपुर, गुमला, लोहरदगा, रामगढ़, रातू, कांके और पिठोरिया क्षेत्र से आने वाले वाहन रांची यूनिवर्सिटी फुटबॉल मैदान, मोराबादी में पार्किंग कर सकेंगे।
-रांची ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि जेल चौक से करमटोली होते हुए एसएसपी आवास चौक और मोरहाबादी के आसपास के मार्गों पर चारपहिया वाहनों का इस्तेमाल न करें। केवल विशेष परिस्थितियों में ही इन मार्गों पर चारपहिया वाहन लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
रैली की तैयारियां पूरीआयोजकों के अनुसार राज्य के सभी 24 जिलों से आदिवासी समाज की रैली को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुंडा, उरांव, संथाल, हो, खड़िया सहित कई जनजातियों की भागीदारी होगी। रैली में लोग पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचेंगे और ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
महाजुटान का मुख्य मुद्दा परिसीमन के बाद आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुरक्षित रखना है। आदिवासी नेताओं का कहना है कि उनका विरोध परिसीमन की प्रक्रिया से नहीं है, बल्कि चिंता इस बात की है कि नई व्यवस्था में एसटी के लिए आरक्षित सीटों का प्रतिनिधित्व कमजोर न हो। प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बंधु तिर्की लगातार इसे महाजुटान की प्रमुख मांग बता रहे हैं।
वर्तमान में झारखंड विधानसभा की 81 सीटों में 28 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। वहीं, लोकसभा की 14 सीटों में 05 सीटें एसटी आरक्षित हैं। आदिवासी संगठनों को आशंका है कि भविष्य में सीटों के पुनर्गठन का असर एसटी आरक्षित क्षेत्रों पर पड़ सकता है। हालांकि, अभी किसी एसटी सीट को कम करने या समाप्त करने का फैसला नहीं हुआ है। यह फिलहाल आदिवासी संगठनों की आशंका और राजनीतिक मांग का विषय है।
महाजुटान से जुड़े नेताओं की मांग है कि यदि परिसीमन के बाद कुल सीटों की संख्या बढ़ती है, तो एसटी के लिए आरक्षित सीटों की संख्या भी आबादी और सीटों के अनुपात के अनुसार बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि परिसीमन से आदिवासी समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर नहीं होना चाहिए।
रैली में सिर्फ परिसीमन का मुद्दा नहीं रहेगा। पांचवीं अनुसूची, सीएनटी-एसपीटी कानून, जल-जंगल-जमीन, विस्थापन, पलायन और आदिवासी पहचान जैसे मुद्दे भी उठेंगे।रैली में आदिवासी धर्म कोड की होगी मांग बताया गया है कि रैली में आदिवासी धर्म कोड की मांग भी की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि यह महाजुटान आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों और पहचान की रक्षा के लिए है।
रैली की तैयारी को लेकर अगस्त की शुरुआत से ही विभिन्न जिलों में बैठकें और जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं। रांची, खूंटी, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम सहित कई जिलों में लोगों से संपर्क किया गया है। बंधु तिर्की के साथ दयामनी बारला, रमा खलखो, लक्ष्मी नारायण मुंडा, ग्लैडसन डुंगडुंग, ज्योत्सना केरकेट्टा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं।
महाजुटान के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात कर उन्हें रैली में शामिल होने का न्योता दिया है।
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