राफिया नाज़ का कल्पना सोरेन पर सीधा हमला: "बेटियों की चीख पर चुप क्यों हैं स्वघोषित सशक्त नारी?"

16,162 महिला उत्पीड़न के मामले लंबित, 8,000 में जांच तक शुरू नहीं हुई

राफिया नाज़ का कल्पना सोरेन पर सीधा हमला:
(राफिया नाज़ एवं अन्य)

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने झारखंड की हेमंत सरकार और कल्पना सोरेन पर तीखा हमला बोला है। हजारीबाग की 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और मुख्यमंत्री को हजारीबाग जाने का समय नहीं है। राफिया ने पुलिस आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जनवरी 2026 में ही 128 दुष्कर्म की घटनाएं दर्ज हुईं और हजारों मामले फाइलों में दबे हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए मामले की CBI जांच की मांग की है।

रांची: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने झारखंड सरकार पर सीधे प्रहार करते हुए कहा कि अक्सर खुद को “सशक्त नारी” और “स्वघोषित एक शोषित नारी” बताने वाली कल्पना सोरेन हर मंच पर रोती हुई दिखाई देती हैं। उनकी हिसाब से उन्हें पीड़ा हो रही थी, लेकिन सवाल यह है कि जब झारखंड की बेटियों के साथ सबसे निर्मम घटनाएँ घट रही थीं — जैसे दुष्कर्म, आग में जलाया जाना, रेत में दबाया जाना या पहाड़ से फेंकना — तब क्या कल्पना सोरेन कहीं दिखाई दीं?……नहीं 

राफिया नाज़ ने कहा“क्या कल्पना सोरेन ने हजारीबाग की मासूम बेटी के दर्द को व्यक्त करने का साहस दिखाया? नहीं। जहाँ वह चीख-चीख कर कहती थी ‘झारखंड झुकेगा नहीं’ और ‘Jharkhand Baang Johar Akanaa’, वहीं झारखंड अब अपराधियों और बलात्कारियों के सामने झुका दिया गया है। इसमें झारखंड सरकार का भी भरपूर सहयोग रहा।”

राफिया नाज़ ने बताया कि हजारीबाग की 12 वर्षीय बच्ची के साथ निर्मम दुष्कर्म और हत्या की गई, जिसमें उसकी आंखें निकाल दी गईं और जीभ काट दी गई। इस घटना ने झारखंड सरकार की बेटियों की सुरक्षा की पोल खोल दी। उन्होंने कहा “मुख्यमंत्री दावोस जा सकते हैं, लेकिन हजारीबाग का रास्ता उन्हें नहीं पता। अगर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेतागण आवाज़ नहीं उठाते, और हमारी बहनें सड़कों पर उतरकर आंदोलन नहीं करतीं, तो यह मामला शायद आज तक दबा रहता।”

राफिया नाज़ ने हाई कोर्ट का धन्यवाद किया कि उन्होंने मामले को संज्ञान में लिया और सीबीआई जांच की भी मांग की। झारखंड में महिला सुरक्षा की स्थिति बेहद गंभीर है। जनवरी 2026 में झारखंड पुलिस ने 128 दुष्कर्म की घटनाएँ दर्ज कीं, जिसमें रोज़ाना औसतन 3-4 गंभीर अपराध होते हैं। इसके अलावा 16,162 महिला उत्पीड़न मामले फाइलों में धूल फांक रहे हैं, और 8,000 मामलों में अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। यहाँ तक महिला तस्करी भी चरम पर है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में गुमला में डायन बताकर 50 वर्षीय बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या, साहिबगंज में शवों के टुकड़े मिलने और लिट्टीपाड़ा में पति के सामने पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया ,विदेश से आई बेटी को भी नहीं बख़्शा गया। यहाँ तक रिम्स और सदर अस्पताल जैसे संस्थानों में भी दुष्कर्म की घटनाएँ हुई हैं। यह सब झारखंड सरकार की महिला सुरक्षा के प्रति गंभीरता की पोल खोलते हैं। राफिया नाज़ ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि झारखंड सरकार बेटियों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करे, अन्यथा भाजपा इसे दबने नहीं देगी।

Edited By: Anjali Sinha

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